AI डेटा सेंटर के विस्तार के लिए पैसों के दबाव के चलते, ओरेकल करीब 20,000 से 30,000 कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही है। ओपनएआई के साथ हुआ समझौता कंपनी पर भारी पड़ रहा है और बैंक भी लोन देने से कतरा रहे हैं, जिससे ये हालात बने हैं।

Oracle Layoffs: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर्स के विस्तार के लिए भारी-भरकम पैसों के दबाव के बीच, टेक दिग्गज ओरेकल (Oracle) करीब 20,000 से 30,000 कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही है। यह चौंकाने वाली जानकारी इन्वेस्टमेंट बैंक टीडी कोवेन (TD Cowen) की एक रिसर्च रिपोर्ट के हवाले से सीआईओ (CIO) की रिपोर्ट में सामने आई है।

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एआई डेटा सेंटर के विस्तार में पैसों की चुनौती

टीडी कोवेन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के बड़े बैंक ओरेकल के एआई डेटा सेंटर विस्तार योजनाओं को लोन देने से धीरे-धीरे पीछे हट रहे हैं। नतीजतन, कहा जा रहा है कि ओरेकल अपनी कुछ संपत्तियों और गतिविधियों को बेचने पर विचार कर रही है। इसी के चलते, कंपनी अपने इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी कर सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि छंटनी के जरिए ओरेकल का लक्ष्य करीब 8 से 10 अरब डॉलर का कैश फ्लो (cash flow) फ्री करना है।

'ओरेकल की वित्तीय क्षमता पर निवेशकों के सवाल'

टीडी कोवेन ने अपनी रिपोर्ट में बताया, "इक्विटी और डेट निवेशक इस बात पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं कि क्या ओरेकल इतने बड़े एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पैसा जुटाने में सक्षम है।" इस मुश्किल के केंद्र में ओपनएआई (OpenAI) के साथ ओरेकल की 300 अरब डॉलर की चर्चित पार्टनरशिप है। जो समझौता शुरू में एक बड़ी योजना लग रहा था, अब वही कंपनी के लिए भारी वित्तीय दबाव का कारण बन गया है।

'ओपनएआई डील ओरेकल को आर्थिक रूप से कमजोर कर रही है'

टीडी कोवेन के विश्लेषण के अनुसार, ओपनएआई को सेवाएं देने के लिए ओरेकल लगभग 156 अरब डॉलर के पूंजीगत व्यय के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए करीब 30 लाख जीपीयू (GPUs) की जरूरत बताई जा रही है। लेकिन पिछले दो महीनों में ही ओरेकल ने 58 अरब डॉलर का कर्ज इस्तेमाल कर लिया है। टेक्सास और विस्कॉन्सिन के डेटा सेंटरों पर 38 अरब डॉलर और न्यू मैक्सिको के कैंपस पर 20 अरब डॉलर खर्च किए गए हैं। इसके साथ ही कंपनी का कुल कर्ज 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है।

शेयर की कीमत में भारी गिरावट

एक और चिंता की बात यह है कि सितंबर 2025 में अपने चरम पर पहुंचे ओरेकल के शेयर अब अपनी कीमत के आधे से भी ज्यादा गिर चुके हैं। इसके चलते, कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन में करीब 463 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।

अमेरिकी बैंक पीछे हट रहे हैं

ओरेकल का वित्तीय संकट अब सिर्फ एक अंदरूनी मामला नहीं रह गया है। कई अमेरिकी बैंकों ने चुपचाप ओरेकल से जुड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स को लोन देना बंद कर दिया है। टीडी कोवेन ने पाया है कि सितंबर के बाद से, कर्जदाताओं ने ओरेकल के लिए ब्याज दर प्रीमियम को दोगुना कर दिया है, जिससे कर्ज की लागत जंक-रेटेड कंपनियों के स्तर पर पहुंच गई है।

नतीजतन, ओरेकल ने कई डेटा सेंटर लीज पर बातचीत अस्थायी रूप से रोक दी है। चूंकि निजी ऑपरेटर निर्माण के लिए पैसा जुटाने में नाकाम रहे हैं, इसलिए ओरेकल अपने ग्राहकों, खासकर ओपनएआई, की उम्मीदों के मुताबिक क्षमता प्रदान नहीं कर पा रही है।

सेर्नर को बेचने की चर्चा, ग्राहकों से 40% एडवांस पेमेंट

वित्तीय दबाव के जवाब में, ओरेकल नए ग्राहकों से कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू का 40 प्रतिशत एडवांस जमा करने की मांग कर रही है। यानी, यह इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए ग्राहकों को ही सह-निवेशक बनाने की एक कोशिश है। इसके अलावा, कंपनी "Bring Your Own Chip" जैसे मॉडल पर भी विचार कर रही है, जिसमें ग्राहक अपनी चिप्स या हार्डवेयर खुद देंगे। दूसरी ओर, 2022 में 28.3 अरब डॉलर में खरीदी गई हेल्थ टेक्नोलॉजी यूनिट 'सेर्नर (Cerner)' को बेचने की भी चर्चा है। यह दिखाता है कि ओरेकल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को कितनी प्राथमिकता दे रही है।

क्या ओपनएआई दूसरे विकल्प तलाश रहा है?

टीडी कोवेन की रिपोर्ट के मुताबिक, ओपनएआई ने अपनी कुछ अस्थायी क्षमता की जरूरतों के लिए माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़ॅन की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि समय पर सेवा देने की ओरेकल की क्षमता पर भरोसा कम हो रहा है।

कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं

नौकरियों में कटौती की खबरों और वित्तीय दबाव को लेकर ओरेकल ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन, इन घटनाओं का कंपनी के भविष्य, कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और ग्राहकों के साथ संबंधों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ओरेकल में छंटनी: आगे क्या?

एआई के क्षेत्र में लीडर बनने की बड़ी उम्मीदों के साथ आगे बढ़ी ओरेकल अब वित्तीय दबाव, बैंकों की हिचकिचाहट और शेयर की कीमत में गिरावट के बीच एक मुश्किल दौर से गुजर रही है। 30,000 नौकरियों में कटौती की संभावना न केवल कंपनी के अंदर बल्कि पूरी दुनिया के टेक सेक्टर में एक बड़ी बहस का मुद्दा बन गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ओरेकल इस संकट से बाहर निकलने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।