Myanmar  

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    WorldApr 6, 2021, 2:17 PM IST

    विरोध की ब्यूटी क्वीनः सेना की निर्ममता को बयां करते करते रो पड़ी, इंटरनेशनल कम्यूनिटी से मांगी मदद

    म्यांमार में तख्तापलट के खिलाफ चल रहे जनांदोलन को दबाने के लिए खूनी खेल हो रहा है। मंगलवार को विरोध प्रदर्शन का 66वां दिन है। जनांदोलन को दबाने के लिए सेना हिंसक हो चुकी है। सैन्य कार्रवाई में 550 से अधिक आंदोलनकारी नागरिकों की जान जा चुकी है। लेकिन प्रदर्शन जारी है। 

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    NationalMar 31, 2021, 10:10 PM IST

    HAL ने UNHRC-SIPRI की रिपोर्ट को बताया गलत, कहा- म्यांमार के साथ 2017 से कोई समझौता नहीं हुआ

    हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय फैक्ट फाइंडिंग मिशन द्वारा तैयार की गई संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि 2017-19 तक एचएएल ने म्यांमार की सेना के साथ रक्षा सौदे किए। 
     

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    WorldMar 28, 2021, 3:21 PM IST

    तख्तापलट के बाद म्यांमार में खून की होली, न सेना झुकी और न पब्लिक, अब तक 400 से ज्यादा लोगों की मौत

    म्यांमार में तख्तापलट के बाद से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अब तक यहां सेना की गोलीबारी में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले शनिवार को म्यांमार में आर्म्ड फोर्सेज डे पर सेना ने परेड निकालकर अपनी ताकत दिखाई। इस बीच लोगों से हुई झड़प में 100 लोगों की मौत हो गई। यह अब तक का एक दिन में सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 14 मार्च को करीब 90 लोगों की मौत हुई थी। बता दें कि तख्तापलट क बाद सेना सैन्य ताकत के खिलाफ 20 से अधिक शहरों में प्रदर्शन चल रह हैं।
     

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    WorldMar 28, 2021, 8:00 AM IST

    तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं इस देश के हालात, कोरोना नहीं, इस वजह से 1 दिन में गई 114 जान

    भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। जबसे यहां तख्तापलट हुआ है, तबसे ही विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच शनिवार यानी 27 मार्च को हालात काफी ज्यादा बिगड़ गए, जिसमें 114 लोगों की मौत हो गई। 
     

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    WorldMar 25, 2021, 7:59 AM IST

    पापा की जान बचाने को बच्ची ने सेना से बोला झूठ, तिलमिलाए जवानों ने 7 साल की मासूम को मार दी गोली

    म्यांमार में तख्तापलट के बाद सेना की क्रूरता घटने का नाम नहीं ले रही है। यहां सेना ने अभी तक 20 बच्चों को मौत के घाट उतार दिया है। ताजा मामले में सेना ने घर में घुसकर एक 7 साल की मासूम को उसके पिता की गोद में ही भून डाला। बच्ची की गलती बस इतनी थी कि उसने अपने पिता की जान बचाने को झूठ बोला था। 

  • नेशनल डेस्क। भारत का महत्वाकांक्षी कलादन मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (Kaladan Multi-model Transit Transport Project) की शुरु्आत साल 2010 में हुई थी। इसके 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। वैसे, इस पहले ही तैयार होना था, लेकिन कई वजहों के चलते यह प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हो सका। बता दें कि यह प्रोजेक्ट भारत की ईस्ट एशिया पॉलिसी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा, तब यह पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट, और म्यांमार के राखिने स्टेट के सिट्टवे पोर्ट से जुड़ जाएगा। यह चीन के पैलेटवा से सिट्टवे सी-पोर्ट के जरिए कलादन नदी के रास्ते जुड़ेगा। यह प्रोजेक्ट का कुल बजट 3,200 करोड़ रुपए का है, वहीं इसमें काफी बढ़ोत्तरी होती जा रही है, क्योंकि इसके लिए भारत-म्यांमार सीमा पर जमीन के अधिग्रहण के साथ और भी कई दूसरे खर्चे बढ़ते जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से जुड़े समुद्री और नदियों के रूट का काम पूरा हो चुका है। अब दोनों देश रोड कन्सट्क्शन का काम पूरा करने में लगे हुए हैं। इस पर 33 पुल बनाए जाने हैं। इनमें 8 भारतीय क्षेत्र में होंगे और बाकी म्यांमार की तरफ। सभी पुल क्लास 70 ग्रेड के होंगे, जो 70 टन का बोझ संभाल सकें। इस पर से मिलिट्री इक्विपमेंट जैसे टी-90 टैंक, धरती से हवा मैं मार करने वाली मिसाइलें और इन्फैंट्री व्हीकल्स आसानी से गुजर सकें। अक्टूबर 2020 तक कंस्ट्रक्शन एजेंसियों को यहां म्यांमार की तरफ से अराकान आर्मी के हमले की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था।

    NationalMar 23, 2021, 5:49 PM IST

    भारत के साउथ-ईस्ट एशिया 'गेटवे' का निर्माण आया फिर ट्रैक पर, अब तक हो चुकी है काफी देर

    नेशनल डेस्क। भारत का महत्वाकांक्षी कलादन मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (Kaladan Multi-model Transit Transport Project) की शुरु्आत साल 2010 में हुई थी। इसके 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। वैसे, इस पहले ही तैयार होना था, लेकिन कई वजहों के चलते यह प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हो सका। बता दें कि यह प्रोजेक्ट भारत की ईस्ट एशिया पॉलिसी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा, तब यह पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट, और म्यांमार के राखिने स्टेट के सिट्टवे पोर्ट से जुड़ जाएगा। यह चीन के पैलेटवा से सिट्टवे सी-पोर्ट के जरिए कलादन नदी के रास्ते जुड़ेगा। यह प्रोजेक्ट का कुल बजट 3,200 करोड़ रुपए का है, वहीं इसमें काफी बढ़ोत्तरी होती जा रही है, क्योंकि इसके लिए भारत-म्यांमार सीमा पर जमीन के अधिग्रहण के साथ और भी कई दूसरे खर्चे बढ़ते जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से जुड़े समुद्री और नदियों के रूट का काम पूरा हो चुका है। अब दोनों देश रोड कन्सट्क्शन का काम पूरा करने में लगे हुए हैं। इस पर 33 पुल बनाए जाने हैं। इनमें 8 भारतीय क्षेत्र में होंगे और बाकी म्यांमार की तरफ। सभी पुल क्लास 70 ग्रेड के होंगे, जो 70 टन का बोझ संभाल सकें। इस पर से मिलिट्री इक्विपमेंट जैसे टी-90 टैंक, धरती से हवा मैं मार करने वाली मिसाइलें और इन्फैंट्री व्हीकल्स आसानी से गुजर सकें। अक्टूबर 2020 तक कंस्ट्रक्शन एजेंसियों को यहां म्यांमार की तरफ से अराकान आर्मी के हमले की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था।

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    WorldMar 16, 2021, 12:30 PM IST

    तख्तापलट के बाद 'क्रूरता' का सबसे खौफनाक चेहरा बना म्यांमार, देखें 10 शॉकिंग तस्वीरें

    म्यांमार में 1 फरवरी को हुए सैन्य तख्तापलट के बाद मानों पूरा देश खौफ के साये में जी रहा है। सड़कें खून से रंग चुकी हैं। यहां सेना की क्रूरता का सबसे भयानक चेहरा सामने आया है। तख्तापलट के बाद अब तक सेना विरोध प्रदर्शन कर रहे 138 लोगों को मौत के घाट उतार चुकी है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सेना प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मार रही है। म्यांमार में सेना की यह तानाशाही सारी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गई है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने सोमवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सेना के अत्याचार की कड़ी निंदा की। दुनिया के तमाम देश म्यांमार के घटनाक्रम की निंदा कर रहे हैं। पढ़िए पूरी कहानी...

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    HatkeMar 10, 2021, 3:22 PM IST

    निहत्थे लोगों पर गोलियां बरसा रहे थे सेना के क्रूर जवान, एक नन के आगे टेकने पड़े घुटने

    म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद से लगातार हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं। सेना की कार्यवाही में अभी तक 68 प्रदर्शनकारियों की मौत की खबर है। इस बीच यहां से एक नन की तस्वीर सामने आई है, जो वायरल हो गई है। 
     

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    WorldMar 5, 2021, 1:50 PM IST

    Army की बर्बरता में 54 लोगों मारे गए, इससे नाराज म्यांमार के 19 पुलिसकर्मी पहुंचे भारत; यही रहना चाहते हैं

    म्यांमार में तख्तापलट के बाद सेना की कार्रवाई में 54 प्रदर्शनकारी अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं, 1500 लोगों को अभी तक हिरासत में लिया गया है। ऐसे में सेना के इस बर्बता से देश के पुलिसकर्मी भी नाराज हैं। उन्हें लगता है कि अपने लोगों पर गोली चलाना गलत है, लेकिन उनके पास सेना का आदेश मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में 19 पुलिसकर्मी चोरी छिपे भारत पहुंच गए हैं। ये कुछ वक्त के लिए भारत में शरण चाहते हैं। 

  • <p>Myanmar</p>
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    WorldMar 4, 2021, 6:28 PM IST

    लोकतंत्र के लिए Myanmar की सड़कों पर खूनी संघर्ष, प्रदर्शनकारियों को कुचल रही हैं सैन्य ताकतें

    वीडियो डेस्क। म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ लगातार चल रहे प्रदर्शन के बीच एक 19 साल की लड़की के सिर में गोली मार देने के मामले ने सारी दुनिया को चौंका दिया है। दिल दहलाने वाली यह घटना बुधवार की है, जब सेना ने देशभर में चल रहे प्रदर्शन के दौरान अपना हिंसक रूप दिखाया।

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    WorldMar 4, 2021, 11:08 AM IST

    म्यांमार में सेना ने 19 साल की लड़की के सिर में मार दी गोली, टीशर्ट पर लिख रखा था ब्लड ग्रुप

    म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ लगातार चल रहे प्रदर्शन के बीच एक 19 साल की लड़की के सिर में गोली मार देने के मामले ने सारी दुनिया को चौंका दिया है। दिल दहलाने वाली यह घटना बुधवार की है, जब सेना ने देशभर में चल रहे प्रदर्शन के दौरान अपना हिंसक रूप दिखाया। इस दौरान 33 लोकतांत्रिक समर्थकों को गोली मार दी गई। इससे पहले रविवार को भी सेना ने 18 लोगों को मार डाला था। बुधवार को मांडले में सेना के खिलाफ मोर्च पर डटी 19 साल की एंजेल के सिर में सैनिक ने गोली मार दी। जानते हैं म्यांमार में तख्तापलट के बाद क्या...

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    WorldFeb 28, 2021, 10:57 PM IST

    इस देश की पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बरसाईं गोलियां, फायरिंग में 18 की हुई मौत

    म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। यहां रविवार को सेना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने फायरिंग कर दी। इसमें 18 लोगों के मारे जाने की खबर है। जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की ओर भी पुष्टि की गई है कि फायरिंग में 18 लोगों की मौत हुई है। 

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    NationalFeb 8, 2021, 6:37 PM IST

    चीन के सामने दीवार बनकर भारत की सुरक्षा करता है म्यांमार, जानिए कुछ पुराने किस्से

    1949 में एक फिल्म-पतंगा आई थी। इसका एक गाना था-ओ मेरे पिया गए रंगून, किया है वहां से टेलीफून, तुम्हारी याद सताती है, जिया में आग लगाती है! इस गाने में जिस रंगून शहर का जिक्र किया है, वो कभी म्यांमार की राजधानी हुआ करता था। चूंकि बर्मी भाषा में 'र' को 'य' बोला जाता है, इसलिए अब इसे यांगून कहते हैं। यांगून इस समय बड़ी टेंशन में है। वजह, तख्तापलट। म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद यांगून में प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती जा रही है। वे देश की शीर्ष नेता आंग सान सू की रिहाई की मांग कर रहे हैं। यहां इंटरनेट बंद हैं। बता दें कि आंग सान सू बर्मा(अब म्यांमार) के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले आंग सान की बेटी हैं। आंग सान की 1947 में हत्या कर दी गई थी। म्यांमार में तख्तापलट को लेकर भारत की चिंताएं बाजिव हैं। वजह, इसके पीछे चीन की संदिग्ध भूमिका मानी जा रही है। क्योंकि चीन लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास नहीं रखता। चीन और भारत में पहले से ही तनातनी चली आ रही है। दूसरी सबसे बड़ी बात, म्यांमार एक ऐसा देश है, जो भारत और चीन के बीच दीवार का काम करता है। यानी बगैर म्यांमार की सहमति या कब्जा किए बिना चीन सीधे भारत तक नहीं पहुंच सकता। आइए जानते हैं म्यांमार की कहानी...

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    WorldFeb 2, 2021, 3:00 PM IST

    म्यांमार की संसद में कैसे घुसी सेना...तख्तापलट से चंद सेकंड पहले 'गलती से' रिकॉर्ड हुआ VIDEO

    वीडियो डेस्क। म्‍यांमार में सेना ने सोमवार को एक बार फिर से तख्‍तापलट कर दिया और देश की नेता आंग सांग सू की को हिरासत में ले लिया। म्‍यांमार की सेना जब देश में तख्‍तापलट कर रही थी, उस समय का एक लड़की संसद के सामने एरोबिक्‍स क्‍लास कर रही है और पीछे सेना के वाहन संसद पर कब्‍जा करने के लिए बढ़ रहे हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि महिला तेज म्‍यूजिक के बीच में एरोबिक्‍स क्‍लॉस करती रही और सेना ने संसद भवन पर कब्‍जा कर लिया। महिला को पता भी नहीं चल पाया कि देश में तख्‍तापलट हो गया है। इस महिला का नाम खिंग हनिन वेई बताया जा रहा है।

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    NationalFeb 2, 2021, 2:45 PM IST

    म्यांमार में 10 साल बाद फिर सेना का कब्जा, जानिए यहां क्यों हुआ तख्तापलट और सेना प्रमुख कितने ताकतवर हैं

    भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में 10 साल बाद फिर सेना ने कब्जा कर लिया है। यहां सेना ने रविवार रात 2 बजे तख्तापलट किया। इसके साथ ही देश की सबसे बड़ी नेता स्टेट काउंसलर आंग सान सू की और राष्ट्रपति विन मिंट समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। सेना ने 1 साल के लिए इमरजेंसी का ऐलान किया है। आईए जानते हैं कि सेना ने तख्तापलट क्यों किया?