Poverty  

(Search results - 47)
  • Aisa Kyun14, Jul 2020, 1:37 PM

    रात में भूलकर भी न करें ये 2 काम, इससे बढ़ती है गरीबी और नहीं मिल पाता किस्मत का साथ

    कुछ लोग नियमित रूप से पूजा-पाठ करते हैं, कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी किस्मत का साथ नहीं मिल पाता है।

  • Chhattisgarh1, Jul 2020, 11:51 AM

    CM हाउस के सामने खुद को आग लगाने वाले शख्स को सरकार ने बताया पागल, पत्नी ने कहा-हम गरीब हैं..खाने को कुछ नहीं

    रायपुर में मुख्यमंत्री निवास के बाहर खुद को आग लगाने वाले शख्स को लेकर उसकी पत्नी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस शख्स को प्रशासन ने मानसिक रूप से बीमार बताया था। लेकिन उसकी पत्नी ने कहा कि उसका पति पागल नहीं है। वो बेरोजगारी से परेशान है। पड़ोसियों की मेहरबानी से उसका परिवार चल रहा है। इस मामले में प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच की समय सीमा एक महीने तय की गई है।
     

  • Upay28, Jun 2020, 11:05 AM

    हमारी ये छोटी-छोटी गलतियां बन सकती हैं गरीबी और दुर्भाग्य का कारण, ध्यान रखें ये बातें

    उज्जैन. हमारी आदतों का संबंध हमारे भविष्य और हमें प्राप्त होने वाले सुख-दुख से भी है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्‌ट के अनुसार, ग्रंथों में कुछ सामान्य आदतें ऐसी बताई गई हैं जो अशुभ होती हैं। यहां जानिए अशुभ आदतों से जुड़ी खास बातें...

  • Jyotish28, Jun 2020, 10:58 AM

    पत्नी रोज करेगी ये उपाय तो पति को मिल सकता है भाग्य का साथ, दूर हो सकती है गरीबी

    अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों से संबंधित कोई दोष होते हैं तो भाग्य का साथ नहीं मिल पाता है। कुंडली के दोषों को दूर करने के लिए ज्योतिष में कई उपाय बताए गए हैं। इन उपायों को करते रहने से निकट भविष्य में सकारात्मक फल मिलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

  • Punjab19, Jun 2020, 9:39 AM

    क्या किसी क्रिकेटर की ऐसी फजीहत होते देखी है..नहीं न? क्योंकि यह क्रिकेट नहीं खेलती

    पटियाला, पंजाब. क्रिकेटरों को छोड़ दिया जाए, तो बाकी खेलों के खिलाड़ियों को जिंदगीभर रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। कुछ खिलाड़ी अपवाद हो सकते हैं। यह हैं पावर वेटलिफ्टिंग की नेशनल प्लेयर अमृत कौर। इन्हें  इन दिनों अपने बेटे के साथ साइकिल पर गलियों में ब्रेड-दूध बेचते देखा जा सकता है। अमृत कौर ने 4 बार इंटर यूनिवर्सिटी लेवल में गोल्ड मेडल जीता है। लेकिन इस गोल्ड की बाजार में कोई कीमत नहीं। सरकार ने कोई कद्र नहीं की। नौकरी के लिए तमाम कोशिशें कीं। लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। शादी के बाद जैसे-तैसे जिंदगी चल रही थी कि 9 महीने पहले पति ने गुस्से में गले में चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद अमृत अपने बेटे के साथ अलग रह रही हैं। आगे पढ़िये अमृत कौर की ही कहानी...
     

  • Chhattisgarh15, Jun 2020, 9:42 AM

    100 साल की मां को चरपाई पर लेटाकर बैंक पहुंची 60 साल की बेटी..यह होती है गरीबों की मजबूरी

    महासमुंद, छत्तीसगढ़. यह तस्वीर सरकारी कामकाज के तौर-तरीके को दिखाती है। करीब 100 साल की मां को चारपाई पर लिटाकर उसकी 60 वर्षीय बेटी बैंक पहुंची। मामला वृद्धा पेंशन से जुड़ा हुआ है। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने सरकारी व्यवस्थाओं पर कटाक्ष शुरू कर दिए। मामला खरियार ब्लॉक से जुड़ा हुआ है। चारपाई पर लेटी हैं भले बाग और चारपाई खींच रही हैं उनकी बेटी पूंजीमती। नाम बेशक बेटी का पूंजीमती है, लेकिन उनके एक-एक रुपया कीमती है। वृद्धा का जन-धन खाता है। इसमें 500 रुपए की तीन किश्ते जमा हो गई थीं। बैंकवालों ने कहा था कि पेंशन चाहिए, तो वेरिफिकेशन के लिए वृद्धा को बैंक आना होगा। मजबूरी में उनकी बेटी घर से करीब 500 मीटर दूर बैंक तक मां को चारपाई पर लिटाकर ले गई। वहां बैंकवालों ने वृद्धा का अंगूठा लिया, तब कहीं पेंशन मिल सकी।
     

  • Jharkhand13, Jun 2020, 10:00 AM

    लॉकडाउन का असर, लेडी एथलीट इन दिनों सिर पर टोकरी रखकर पुकारती है-टमाटर ले लो टमाटर..

    रांची, झारखंड. झारखंड में खिलाड़ियों के बुरे हाल हैं। उन्हें घर-परिवार चलाने सब्जियों की दुकानें लगानी पड़ी रहीं। वहीं, घर-परिवार की दिक्कतों में ही पूरा दिन उलझे रहना पड़ रहा है। यह हैं गीता। ये  पूर्वी क्षेत्र जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप आदि में मेडल जीतकर झारखंड का मान बढ़ा चुकी हैं। लेकिन इन दिनों ये आर्थिक तंगी से गुजर रही हैं। इन्हें इन दिनों सब्जियां बेचकर अपने परिवार के कामकाज में हाथ बंटाना पड़ रहा है। बेस्ट बोकारो की गीता पैदल चाल और क्रॉस कंट्री में कई मेडल जीत चुकी हैं। गीता के पिता इंद्रदेव प्रजापति और मां बुधनी बताती हैं कि उनका पूरा परिवार फुटपाथ पर सब्जियां बेचता है, ताकि घर का खर्चा चल सके। गीता ने नेशनलिस्ट जोन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कई मेडल जीते। वे 2012 में टाटा स्टील वेस्ट बोकारो एथलेटिक्स ट्रेनिंग सेंटर से जुड़ी थीं। उन्हें राजीव रंजन सिंह ने ट्रेंड किया है। गीता ने 3, 5, 10 और 20 किलोमीटर में नेशनलिस्ट जोन ईस्ट प्रतियोगिता में भी झारखंड का नाम रोशन किया। गीता का चयन झारखंड टीम में हुआ था, लेकिन पारिवारिक समस्या के कारण वे इसमें शामिल नहीं हो सकीं। आगे भी जानिए गीता की कहानी..

  • Other States11, Jun 2020, 11:38 AM

    'नरक' से कम नहीं थी इनकी जिंदगी, कोरोना ने रुलाकर रख दिया, पढ़िये रेड लाइट एरिया की दास्तां

    कोलकाता/मुंबई. कोरोना संक्रमण का असर दुनिया के हर वर्ग पर पड़ा है। संक्रमण को रोकने सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया गया। इसका पालन करना सेक्स वर्कर्स के लिए जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। यह और बात है कि वे माली हालत खराब होने के बावजूद इसका पालन कर रही हैं। इनकी आर्थिक हालत बिगड़ते देखकर कोलकाता में दुर्बार महिला समन्वय कमेटी ने केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की मांग की है। दुर्बार कमेटी के अंतर्गत आने वाली सोनागाछी रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल डॉ. स्मरजीत जाना ने मीडिया को बताया कि सेक्स वर्कर्स दो महीने से बेकार बैठी हैं। वे क्लाइंट को मना कर रही हैं। बता दें कि यह कमेटी  सेक्स वर्कर्स के हितों के लिए काम करती है। लॉकडाउन के दौरान ऐसी सेक्स वर्कर्स की मदद की जा रही है, जो बेहद गरीब हैं। उनके पास खाने-पीने तक का इंतजाम नहीं है। इस सबसे बीच एक अच्छी पहल भी हुई है। कई सेक्स वर्कर्स ने रोजगार के वैकल्पिक स्त्रोत अपना लिए हैं। ये अब मास्क, सैनिटाइजर और सैनिटरी नैपकिन बना रही हैं। कमेटी ने कहा  कि इन लोगों की हालत को देखते हुए सरकार को इनके खातों में सीधे पैसे डालना चाहिए। बता दें कि कोलकाता और मुंबई के रेड लाइट एरिया में सैकड़ों सेक्स वर्कर्स रहती हैं। आइए देखिए सेक्स वर्कर्स की लाइफ..

  • Chhattisgarh9, Jun 2020, 5:31 PM

    लकवाग्रस्त पति भूख से न मर जाए, इसलिए महिला ने दिल पर पत्थर रखकर बेच दिया मंगलसूत्र

    रायपुर/भोपाल. पहली तस्वीर अमृतसर से छत्तीसगढ़ के लिए निकली एक प्रवासी महिला मजदूर की है। उसने जिंदगी में कभी नहीं सोचा था कि मेहनत-मजदूरी करने वालों के साथ भगवान ऐसा कुछ करेगा? दूसरी तस्वीर मध्य प्रदेश के भोपाल में रहने वाली एक लाचार महिला की है। इसका पति लकवाग्रस्त है। यह महिला एक मंदिर के बाहर प्रसाद बेचकर अपने परिवार चला रही थी। बेटा किसी पेट्रोल पंप पर काम करता है। वो उतना नहीं कमाता कि घर और पिता की दवाइयों का खर्चा चल सके। बावजूद यह फैमिली जैसे-तैसे अपना काम चला रही थी कि लॉकडाउन ने उनकी जिंदगी पर जैसे पहाड़ तोड़ दिया। घर में खाने को कुछ नहीं बचा और पति की दवाइयों का इंतजाम नहीं हो पा रहा था, तो महिला ने दु:खी होकर 5000 रुपए में अपना मंगलसूत्र बेच दिया। लॉकडाउन में गरीबों की बेबसी दिखातीं तस्वीरें..

  • Other Sport8, Jun 2020, 3:24 PM

    गरीबी की वजह से छोड़ दी थी कार रेसिंग, अब पोर्न स्टार बनकर खुश है ये लड़की; खूब कमाती है पैसे

    बहुत लोगों का यह सोचना है कि कार रेसिंग के खेल में बहुत ज्यादा कमाई होती है, लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है। इस खेल में सभी बहुत ज्यादा पैसा नहीं कमा पाते। यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया की V8 सुपरकार ड्राइवर रेनी ग्रैसी ने इस फील्ड को छोड़ दिया और एडल्ट एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में चली गईं।

  • <p>केरल में 10वीं कक्षा की छात्रा को ऑनलाइन क्लास में एक्सेस न मिलने के कारण उसने सोमवार को आत्महत्या कर ली।</p>

    National2, Jun 2020, 9:38 PM

    गरीबी के चलते ऑनलाइन क्लास में शामिल नहीं हो पाई 10वीं की छात्रा, दे दी अपनी जान

    तिरुवनन्तपुरम. केरल में 10वीं कक्षा की छात्रा को ऑनलाइन क्लास में एक्सेस न मिलने के कारण उसने सोमवार को आत्महत्या कर ली। लॉकडाउन के कारण सभी स्कूल बंद हैं। बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो इसलिए केरल सरकार कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लासेस चला रही है। छात्रा के परिजनों ने बताया कि उनके घर का टीबी खराब होने के कारण सुधरने के लिए डला हुआ था। गरीबी के चलते छात्रा के पास कोई लैपटॉप या स्मार्टफोन भी नहीं है। इस वजह से वह ऑनलाइन क्लास नहीं ले पाई। दुखी होकर छात्रा ने आत्महत्या कर ली।

    छात्रा का नाम देविका था और वह अपने परिवार के साथ मलप्पुरम जिले में रहती थी। छात्रा गरीब परिवार से है, उसके पिता मजदूरी करके परिवार का पेट पालते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण उनके पास कोई लैपटॉप नहीं था। क्लास ना ले पाने के बाद छात्रा इतनी आहत हुई कि उसने खुद की जान ले ली।  

  • Hatke29, May 2020, 11:21 AM

    बिस्तर से खुद उठ भी नहीं पाता लाचार पति, 16 बच्चों की अकेले परवरिश कर रही ये मां, फिर होना चाहती है प्रेग्नेंट

    हटके डेस्क: दुनिया में कई तरह के लोग होते हैं। कुछ एक ही बच्चे से परेशान हो जाते हैं तो कुछ अपनी इनकम और लाइफ स्टाइल को देखते हुए बच्चों की प्लानिंग करते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग होते हैं, जिन्हें किसी भी परेशानी और मज़बूरी के आगे अपनी चाहत ही सबसे ज्यादा नजर आती है। अब जरा इंडियाना में रहने वाली 38 साल की एक महिला को ही देख लीजिये। इस महिला के एक-दो नहीं, कुल 16 बच्चे हैं। सबकी उम्र 19 से 7 महीने के बीच है। महिला के पति बिना सहारे के चल-फिर नहीं पाते। ऐसे में पूरा घर महिला को अकेले ही चलाना पड़ता है। लेकिन हैरत की बात ये है कि फिर भी ये महिला और भी बच्चों की प्लानिंग  रही है। जी हां, ये अभी और बच्चों को जन्म देना चाहती है। आइये आपको दिखाते हैं 16 बच्चों की इस सुपरमॉम के दिन लॉकडाउन में कैसे कट रहे हैं... 

  • <p><strong>बिजनेस डेस्क।</strong> कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन लगने से देश की अर्थव्यवस्था में एक तरह की मंदी दिखाई पड़ने लगी है। इससे मजदूरों का रोजगार तो गया ही है, किसानों को भी तरह-तरह की आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान ही होते हैं। लेकिन आज उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हैं। किसानों की आर्थिक दशा में सुधार हो, इसके लिए मोदी सरकार प्रयास में लगी हुई है। हाल ही में सरकार ने कुछ ऐसी घोषणाएं की हैं, जिनसे किसानों की जिंदगी में बदलाव आ सकता है। जानें, क्या हैं ये घोषणाएं। </p>

    Business17, May 2020, 10:18 AM

    ...तो बदल जाएंगे किसानों के दिन, बड़े काम की हैं मोदी सरकार की ये 3 बड़ी घोषणाएं

    बिजनेस डेस्क। कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन लगने से देश की अर्थव्यवस्था में एक तरह की मंदी दिखाई पड़ने लगी है। इससे मजदूरों का रोजगार तो गया ही है, किसानों को भी तरह-तरह की आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान ही होते हैं। लेकिन आज उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हैं। किसानों की आर्थिक दशा में सुधार हो, इसके लिए मोदी सरकार प्रयास में लगी हुई है। हाल ही में सरकार ने कुछ ऐसी घोषणाएं की हैं, जिनसे किसानों की जिंदगी में बदलाव आ सकता है। जानें, क्या हैं ये घोषणाएं। 

  • Jyotish11, May 2020, 7:33 AM

    घर में नहीं होने चाहिए मकड़ी के जाले, इससे फैलती है निगेटिविटी और बनी रहती है गरीबी

    घर में समय-समय पर साफ-सफाई होती रहनी चाहिए। ऐसा न होने पर घर में नेगेटिविटी फैलने लगती है। 

  • Uttar Pradesh7, May 2020, 1:33 PM

    गरीबी से एक बेटी की मौत, चंदा मांगकर किया अंतिम संस्कार, अब दूसरी की भी हालत खराब

    पत्नी को अचानक पैरालिसिस (लकवा) की बीमारी हो गई। इलाज के लिए उसे अपना मकान भी बेचना पड़ा। इसके बाद मलिन बस्ती में किराए के मकान में रहने लगा। लेकिन, लॉकडाउन से उसके सामने रोज दिक्कतें आने लगी। इस समय स्थिति यह है कि गरीबी के कारण एक बेटी की मौत हो गई है, जबकि दूसरी बेटी बीमार हो गई है।