पंजशीर में Taliban के विरोध में लड़ाई का बिगुल फूंकने वाले नेता अहमद मसूद का कहना है कि उन्हें तालिबान के साथ शांतिपूर्ण बातचीत की उम्मीद है। 

काबुल. अफगानिस्तान में तालिबान का आतंक जारी है। इस बीच पंजशीर एक ऐसा इलाका है जहां तालिबान जाने से भी डरता है। यही वह जगह है जहां से तालिबान के खिलाफ लड़ाई का ऐलान किया गया। इस लड़ाई के नेता अहमद मसूद हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि जल्द ही तालिबान के साथ शांतिपूर्ण बातचीत होगी। लेकिन उनकी सेना लड़ने के लिए तैयार थी और तैयार है।

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'हम नहीं चाहते कि युद्ध छिड़ जाए'
पंजशीर घाटी से टेलीफोन के जरिए रॉयटर्स के दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, हम तालिबान को यह एहसास दिलाना चाहते हैं कि बातचीत के जरिए ही आगे बढ़ा जा सकता है। हम नहीं चाहते कि युद्ध छिड़ जाए।

'हम बचाव में लड़ना चाहते हैं'
मसूद ने कहा कि अगर तालिबान ने घाटी पर आक्रमण करने की कोशिश की तो उनके समर्थक लड़ने के लिए तैयार हैं। वे बचाव करना चाहते हैं। वे लड़ना चाहते हैं। वे किसी भी शासन के खिलाफ विरोध करना चाहते हैं।।

तालिबान के एक अधिकारी ने कहा कि पंजशीर पर हमला शुरू कर दिया गया है। लेकिन मसूद के एक सहयोगी ने कहा कि लड़ाई की कोई खबर नहीं है। मसूद ने कहा कि उनकी संख्या 6,000 से अधिक है। उनकी लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलना चाहिए। 

7 दिन में 20 लोगों की मौत
स्काई न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट पर मौजूद यूके के पैराट्रूपर्स लोगों को बचाने में लगे हैं। वे भीड़ को कंट्रोल करने के लिए हवाई फायरिंग भी कर रहे हैं। उन्होंने कई शवों को सफेद चादरों से ढका। नाटो के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले सात दिनों में काबुल एयरपोर्ट या उसके आसपास 20 लोगों की मौत हुई है।

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