ब्रिटिश सांसद स्टेला क्रिसी जब पिछले साल नवंबर में एक दिन अपने बेटे पिप के साथ सदन में पहुंची तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। नियमों की दुहाई भी दी गई। ई-मेल से लेटर भी भेजा गया, मगर वह अपने रुख पर कायम रहीं। 

ट्रेंडिंग डेस्क। एक तरफ ऑस्ट्रलियाई सीनेटर लॉरिसा वॉटर्स ने पांच साल पहले संसद परिसर में कार्यवाही के बीच अपनी दो महीने की बच्ची को स्तनपान कराकर इतिहास रचा और इसकी दुनियाभर में सराहना की गई, तो दूसरी ओर पिछले साल ब्रिटिश सांसद स्टेला क्रिसी ने जब संसद परिसर यानी हाउस ऑफ कॉमन्स में बच्चे को लेकर गईं, तो उनका बॉयकाट करते हुए उन्हें ऐसा करने से प्रतिबंधित कर दिया गया। 

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दरअसल, ब्रिटेन की महिला सांसद स्टेला क्रिसी लंबे समय से ब्रिटिश सांसदों को मातृत्व अवकाश दिए जाने को लेकर मुखर रहीं। मगर खुद जब वह 23 नवंबर 2021 को अपने तीन महीने के बेटे पिप को लेकर ब्रिटेन की संसद हाउस ऑफ कॉमन्स में पहुंचीं, तो कुछ लोगों की भौहें तन गई थी। एक बहस में जब वो बोल चुकीं, तब उन्हें चेतावनी देते हुए आगे से बेटे को साथ लाने पर रोक लगा दी गई। ऐसे में समझा जा सकता है कि बच्चे को भूख लगने के दौरान अगर वह स्टेला उसे स्तनपान करातीं, तो संसद का रिएक्शन क्या होता। 

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सदन के अधिकारी ने लिखा- बच्चे को लाएं तो चेंबर में नहीं ले जाएं 
वह लंदन में वॉल्थमास्टो सीट से लेबर पार्टी के टिकट पर सांसद चुनकर आई हैं। उसी दिन यानी 23 नवंबर को, जिस दिन वह बेटे पिप को लेकर संसद पहुंची थीं, हाउस ऑफ कामन्स के एक अधिकारी ने उन्हें एक ई-मेल भेजा था। इस ई-मेल का स्क्रीनशॉट स्टेला क्रिसी ने अपने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर पोस्ट भी किया और इस पर रिएक्शन भी दिया। पहले बताते हैं कि उस ई-मेल क्या लिखा था। असल में क्रिसी को भेजे गए ई-मेल में संसद से जुड़े एक नियम का हवाला देते हुए लिखा था, जब आप बच्चे को सदन मे ले आएं, तो चेंबर में अपनी सीट पर नहीं लाएं। 

स्टेला के समर्थन में आए कई सांसद, पुराने आदेशों का दिया हवाला 
इसके बाद स्टेला क्रिसी ने इस पत्र पर रिएक्शन देते हुए सदन के स्पीकर से इस नियम को लेकर स्पष्टीकरण मांगा। स्टेला के समर्थन में कई और सांसद आ गए। इसके बाद पुराने मामलों और पुराने आदेशों का हवाला देते हुए बताया गया कि किस तरह पहले की सांसद सदन में चेंबर में न सिर्फ बच्चों को ला रही थीं बल्कि, उन्हें स्तनपान भी करा रही थीं। इसके बाद हाउस ऑफ कॉमन्स की अध्यक्ष लिंडसे हॉयल ने उन्हें वेस्टमिन्सटर हॉल के मुख्य कक्ष में भी बच्चे को साथ रखने की अनुमति दे दी थी। इसके बाद भी स्टेला क्रिसी अपनी बेटे को सदन में लाती रहीं। 

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