कराची की सोशल मीडिया मैनेजर हिबा हनीफ के नौकरी के इंटरव्यू का अनोखा अनुभव। नौकरी तो नहीं मिली, पर एक सवाल ने ज़िंदगी बदल दी। जानिए क्या था वो सवाल?

आप नौकरी के लिए इंटरव्यू में जाते हैं, पूरी उम्मीद से। लेकिन नौकरी नहीं मिलती। पर क्या हो अगर वही इंटरव्यू आपको ज़िंदगी का एक बड़ा सबक सिखा दे? ऐसा ही कुछ हुआ एक पाकिस्तानी महिला के साथ।

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कराची की सोशल मीडिया मैनेजर हिबा हनीफ ने अपना अनुभव लिंक्डइन पर शेयर किया, जिस पर खूब चर्चा हुई। हिबा ने अपने अनुभव के आधार पर ही नौकरी के लिए आवेदन किया था। तीन विशेषज्ञों के पैनल के साथ उनका विस्तृत इंटरव्यू भी हुआ।

हालांकि, उन्हें नौकरी नहीं मिली। लेकिन, हिबा कहती हैं कि उनसे पूछा गया एक सवाल उन्हें ज़िंदगी का एक बड़ा सबक सिखा गया। उनसे पूछा गया, "आप दूसरों की ऑनलाइन उपस्थिति बढ़ाने में मदद करती हैं, लेकिन अपनी पर्सनल ब्रांडिंग का क्या हाल है?"

हिबा कहती हैं कि दूसरों की डिजिटल पहचान बनाने में लगीं वह अपनी ब्रांडिंग के बारे में कभी नहीं सोचा। इंटरव्यू में असफल होने के बावजूद, इस सवाल ने उन्हें एक नई दिशा दी।

हिबा कहती हैं, चाहे आप नौकरी के लिए कोशिश कर रहे हों, फ्रीलांस क्लाइंट के लिए या कुछ और, अपनी ब्रांडिंग बनाना बहुत फर्क लाता है।

हिबा का सवाल है कि जब आप दूसरों के लिए इतना काम करते हैं, तो क्या आप अपने लिए भी कुछ करते हैं? हिबा की पोस्ट तेज़ी से वायरल हुई। कई लोगों ने कमेंट्स किए और ज़्यादातर ने हिबा की बातों को सही बताया।