एक दिन जॉन की आँख खुली तो उसे लगा कि उसे काम पर जाने का समय हो गया है, लेकिन उसने खुद को अस्पताल के बिस्तर पर पाया।

कोमा में लोग कई बार दिनों या हफ़्तों तक तो कभी-कभी सालों तक बेहोशी की हालत में रहते हैं। इस दौरान मरीज को अस्पताल में ही रहना पड़ता है। Reddit पर एक ऐसा ही अनुभव शेयर किया गया है जहाँ एक व्यक्ति को होश आने के बाद दोबारा बेहोशी की हालत में जाने का डर सताने लगा। यह कहानी अमेरिका के लास वेगास के जॉन पेनिंगटन ने शेयर की है। 30 साल की उम्र में जॉन पेनिंगटन एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। जिसके बाद उन्हें कोमा में डाल दिया गया था। होश में आने के बाद उन्हें जो अस्पताल का बिल थमाया गया उसे देखकर उनके होश उड़ गए।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अस्पताल ने उन्हें 2.5 मिलियन डॉलर (2,09,67,775 रुपये) का बिल थमाया था। उन्होंने बताया कि यह बिल नेवादा कम्युनिटी एनरिचमेंट प्रोग्राम के तहत उनके 2 इलाज के खर्च के बाद का था। 2015 में एक दिन जॉन की आँख खुली तो उसे लगा कि उसे काम पर जाने का समय हो गया है, लेकिन उसने खुद को अस्पताल के बिस्तर पर पाया। पास ही एक नर्स को देखकर उन्होंने बाथरूम जाने के लिए कहा। लेकिन नर्स उनकी बात सुनकर रोते हुए कमरे से बाहर भाग गई।

कुछ देर बाद जब नर्स वापस आई तो उसने जॉन से माफ़ी मांगी। फिर उसने बताया कि ब्रेन हैमरेज के बाद से जॉन पिछले छह महीने से कोमा में थे। जॉन को अपनी दुर्घटना याद आ गई। इसके बाद न्यूरोलॉजिस्ट ने बताया कि जॉन ठीक से खाना नहीं खा पाएंगे। लेकिन जॉन को सबसे बड़ा झटका अस्पताल के बिल ने दिया। इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए 'गो फंड मी' वेबसाइट पर जॉन के लिए फंड इकट्ठा किया गया। लेकिन वह रकम बिल चुकाने के लिए काफी नहीं थी। जॉन ने बताया कि उन्हें एक वकील की मदद लेनी पड़ी। आखिरकार किसी तरह उनका इलाज का खर्च पूरा हुआ। इसके बाद उन्होंने अपना अनुभव लोगों के साथ शेयर करने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर एक सवाल-जवाब सेशन रखा। जहाँ कई लोग उनके अनुभवों के बारे में जानने के लिए आये।