इससे पहले ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए भविष्य निधि (पीएफ) पर ब्याज दर को बरकरार रखा था। 

ट्रेंडिग डेस्क. कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO) के दायरे में आने वाले देश के करीब 6 करोड़ कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए जुलाई के अंत तक 8.5 प्रतिशत ब्याज देने की उम्मीद है। जुलाई के अंत तक ब्याज सीधे लाभार्थियों के खाते में जमा किया जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रम मंत्रालय ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 

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करना पड़ा था इंतजार
पिछली बार कई ईपीएफओ ग्राहकों को 2019-20 का ब्याज पाने के लिए 8 से 10 महीने तक इंतजार करना पड़ा था। इससे पहले, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने ब्याज दर को 8.5 प्रतिशत पर कोई भी बदलाव नहीं करने का फैसला किया गया था। जो कि पिछले 7 सात वर्षों में भारत के सामाजिक सुरक्षा निकाय द्वारा दी जाने वाली सबसे कम ब्याज दर है। 

पीएफ को लेकर हुई थी बैठक
इससे पहले ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए भविष्य निधि (पीएफ) पर ब्याज दर को बरकरार रखा था। 4 मार्च को श्रीनगर में हुई बैठक में पीएफ पर 8.5 फीसदी ब्याज तय किया गया था। श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में ब्याज दर को 8.5 प्रतिशत पर रखने का फैसला किया गया था। वित्त वर्ष 2014 से ईपीएफओ ने लगातार 8.5 फीसदी से अधिक का रिटर्न अर्जित किया है। ईपीएफओ की जोखिम उठाने की क्षमता बहुत कम है क्योंकि इसमें गरीब व्यक्ति की सेवानिवृत्ति बचत भी शामिल है।