कोरोना वायरस का गामा वेरिएंट रूस में मिला है। ये सबसे पहले ब्राजील में खोजा गया था। रूस में  कोरोनो वायरस के मामलों में वृद्धि हो रही है। अधिकारियों ने इसके लिए डेल्टा वेरिएंट और वैक्सीनेशन की कम स्पीड को दोषी ठहराया।

नई दिल्ली. कोरोना महामारी को लेकर दुनिया में कई तरह की रिसर्च हो रही है। इंटरफैक्स समाचार एजेंसी के मुताबिक, कोरोना वायरस का गामा वेरिएंट रूस में मिला है। ये सबसे पहले ब्राजील में खोजा गया था। रूस में कोरोनो वायरस के मामलों में वृद्धि हो रही है। अधिकारियों ने इसके लिए डेल्टा वेरिएंट और वैक्सीनेशन की कम स्पीड को दोषी ठहराया। गुरुवार को रूस में 24 घंटों में 24471 नए कोविड केस मिले हैं। 796 मरीजों की मौत भी हो गई।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

रूस में 4 वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन
रूस में कोरोना के चार वैक्सीन का रजिस्ट्रेसन हुआ है। एपिवैक कोरोना इनमें से दूसरा है। इसे साइबेरिया में वेक्टर इंस्टीट्यूट ने बनाया है। स्पुतनिक वी रूस का सबसे मेन वैक्सीन है। गामा वेरिएंट को ज्यादा खतरनाक बताया गया है। इसके जरिए संक्रमण तेजी से फैलता है और मरीजों की मौत भी तेजी से होती है।

इंटरफैक्स ने कहा कि डेल्टा वेरिएंट रूस में तेजी से फैल रहा है। वहीं गामा वेरिएंट के अलग-अलग मामलों का पता चला है। संस्थान ने कहा कि डेल्टा और गामा वेरिएंट से आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि ये आसानी से फैलते हैं और एंटीबॉडी की क्षमता को कम कर सकते हैं।

खतरनाक है डेल्टा वेरिएंट
अमेरिका में डेल्टा वेरिएंट से लोग डरे हुए हैं। जून में यहां डेल्टा वेरिएंट के सिर्फ 10 प्रतिशत केस थे, लेकिन जुलाई में ये बढ़कर 83 प्रतिशत हो गया। हेल्थ मिनिस्ट्री ने इसे डबल म्यूटेंट कहा है।