द्रौपदी मुर्मू के अलावा संथाल समुदाय से झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, मौजूदा कैग गिरिश चंद्र मुर्मू और जनजातिय व जलशक्ति मंत्री विश्वेवर टुडू शामिल हैं। इस समुदाय के लोग भारत के अलावा, नेपाल और बांग्लादेश में बसे हैं। 

ट्रेंडिंग डेस्क। द्रौपदी मुर्मू का भारत के 15वें राष्ट्रपति के तौर पर चुना जाना लगभग तय हो चुका है। वह देश की पहली आदिवासी महिला उम्मीदवार तो हैं ही, संथाल समुदाय की भी पहली सदस्य हैं, जो इस पद पर आसीन होंगी। कई दशक के प्रयास के बाद संथाली समुदाय और भाषा अब राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने जा रहा है। एक समय खेती-किसानी पर निर्भर यह समुदाय आज साक्षरता दर में आगे है और कई सरकारी योजनाओं तक इसकी पहुंच बन चुकी है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

बता दें कि राष्ट्रपति पद के लिए करीब 4800 चुने हुए सांसदों और विधायकों की वोटिंग शाम करीब पांच बजे तक जारी रही। इसके अलावा बाकी प्रक्रिया सोमवार देर तक चलती रही। रिजल्ट 21 जुलाई को घोषित होंगे, जबकि नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह 25 जुलाई को होगा। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। 

संथाल समुदाय का राजनीति में काफी दबदबा 
कभी खानाबदोश जनजाति के तौर पर मशहूर रही संथाल अब गोंड और भील के बाद भारत में तीसरा सबसे बड़ा आदिवासी समुदाय है। पिछले दो दशक में इस समुदाय का राजनीति में दखल बढ़ा है। द्रौपदी मुर्मू के अलावा अगर इस समुदाय के चर्चित राजनीतिक हस्तियों की बात करें तो इसमें झारखंड के मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम आता है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के पूर्व उप राज्यपाल गिरिश चंद्र मुर्मू, जो इन दिनों नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक हैं। इसके अलावा केंद्रीय जनजातिय मामलों के मंत्री तथा जल शक्ति मंत्री विशेश्वर टुडू भी इसी समुदाय से आते हैं। 

भारत के अलावा, नेपाल और बांग्लादेश में भी बसे हैं इस समुदाय के लोग 
दरअसल, संथाल समुदाय जिसे कुछ जगह संताल भी कहा जाता है, गोंड और भील के बाद तीसरी बड़ी आबादी वाला समुदाय है। 21सदी आते-आते भारत में इस समुदाय की आबादी करीब 60 लाख हो चुकी थी। यह समुदाय के लोग बड़े पैमाने पर बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में रहते हैं। इसके अलावा, बांग्लादेश और नेपाल में भी इस समुदाय से जुड़े लोग बसे हुए हैं। 

शांत मनुष्य होता है संथााल का मतलब 
संथाल शब्द दो शब्दों से बना है, जिसका अर्थ है, संथा मतलब शांत और आला यानी मनुष्य। हालांकि, लिखित अभिलेखों की कमी की वजह से संथाल समुदाय की उत्पत्ति कब हुई, इसकी सटीक जानकारी नहीं है। मगर माना जाता है कि इनका उद्गम नार्थ कंबोडिया का चंपा साम्राज्य था। यह एक खानाबदोश समूह था जो 18वीं सदी के अंत तक बिहार, ओडिशा और झारखंड में छोटा नागपुर के पठारी हिस्से में धीरे-धीरे बसते गए। 

यह भी पढ़ें: 

द्रौपदी मुर्मू से शादी के लिए गांव में डेरा डाल बैठ गए थे उनके होनेवाले पति, जानें कैसे हुई थी पहली मुलाकात

President Election 2022: कैसे होता है राष्ट्रपति चुनाव, किस तरह तय होती है वोट वैल्यू, जानें सबकुछ