एसिड रेन नाम से ही सामान्य वर्षा से अलग लग रही है। एसिड रेन को अम्लीय वर्षा भी कहा जाता है जो सामान्य तौर पर पेड़, पौधों, जीव-जन्तुओं और वातावरण के लिए अच्छी नहीं होती है। 

ट्रेंडिंग न्यूज। एसिड रेन सामान्य वर्षा से अलग अम्लीय तत्वों से युक्त होती है। इसमें कोई अलग गंध या रंग नहीं होता लेकिन इस बारिश के बाद आसपास के वातावरण में कुछ समय अंतर दिखाई देता है। एसिड वर्षा पूरे वातावरण पर भी प्रभाव डाल सकती है। यह वर्षा पौधों को कमजोर बनाने के साथ जीव-जन्तुओं के स्वास्थ्य के साथ मिट्टी को भी नष्ट कर सकती है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

मनुष्य और प्रकृति दोनों ही एसिड रेन के कारण
एसिड रेन यानी अम्लीय वर्षा वायु प्रदूषण को वातावरण से बाहर निकालने की एक प्रक्रिया है। विशेषज्ञों की माने तो वातावरण में फैली दूषित गैस और पदार्थों एकत्र होकर बारिश के रूप में वापस धरती पर गिरते हैं। यह ऐसा बारिश होती है जो मिट्टी और पे़ड़ पौधों के लिए लाभकारी नहीं होती है। यह मिट्टी को खराब करती है और पेड़-पौधों को भी कमजोर कर देती है। वैज्ञानिकों की माने तो जब बारिश की pH वैल्यू 5.6 से अधिक हो जाती है, तो उसे एसिड मान सकते हैं।

पढ़ें संभलकर! कहीं कैंसर का कारण न बन जाए टैल्कम पाउडर, देखें WHO की चौंकाने वाली रिपोर्ट

ऐसे होती है ऐसिड रेन
एसिड रेन तब होती है जब नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फरडाई ऑक्साइड वातावरण में उत्पन्न होती है और आबोहवा में घुल जाती है। यह ऑक्सीजन, पानी और अन्य तत्वों के साथ मिलकर नाइट्रिक और सल्फ्यूरिक एसिड बनाती है। खास बात ये है नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फरडाई ऑक्साइड ज्वालामुखी और अन्य प्रकृतिक सोर्स से आता है।

एसिड रेन रोकने के लिए गैसों का बनना रोकें 
एसिड रेन रोकने के लिए वातावारण को जहरीला होने से रोकना होगा। इसके ऊर्जा उत्पन्न करने वाले कार्य कम करें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का कम प्रयोग करें। प्राइवेट वाहनों के स्थान पर ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। इससे सड़कों पर गाड़ियां कम होंगी और धुंआ कम निकलेगा। ईंधन के कम प्रयोग से वातावरण को एसिड रेन से बचाने का प्रयास किया जा सकता है।