चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को दशा माता (Dasha Mata Puja 2022) का व्रत और पूजा की जाती है। इस बार ये तिथि 27 मार्च, रविवार को है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, दशा माता कोई और नहीं बल्कि मां पार्वती का ही स्वरूप है।

उज्जैन. जिन परिवारों के ग्रहों की दशा और परिस्थितियां प्रतिकूल यानी अशुभ होती हैं, उन्हें शुभ करने के लिए ही दशा माता का व्रत और पूजा की जाती है। इस दिन महिलाएं पूजा और व्रत करके गले में एक खास डोरा (पूजा का धागा) पहनती है ताकि परिवार में सुख-समृद्धि, शांति, सौभाग्य और धन संपत्ति बनी रहे। ग्रंथों के अनुसार, ये व्रत करने से सभी तरह की परेशानियों से बचा जा सकता है। इससे जुड़े कुछ नियम भी बताए गए हैं, जो इस प्रकार हैं…

ये भी पढ़ें- 31 मार्च को शुक्र ग्रह करेगा राशि परिवर्तन, मेष सहित इन 3 राशि वालों को होगा सबसे ज्यादा फायदा

1. दशा माता का व्रत एक बार करने के बाद हर बार किया जाता है। इस व्रत को बीच में नहीं छोड़ सकते। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। अगर बहुत जरूरी हो तो उद्यापन करने के बाद इसे छोड़ सकते हैं।
2. दशा माता की पूजा पीपल के पेड़ की छाँव में करना शुभ माना जाता है। और पीपल के आस-पास पूजा का धागा भी बांधा जाता है। पीपल की की पूजा से भगवान विष्णु की पूजा भी इस दिन हो जाती है।
3. इस व्रत में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। घर की अनावश्यक चीजें भी बाहर रख दी जाती है। साथ ही इस दिन सफाई से जुड़े समान यानी झाड़ू आदि खरीदने की परंपरा भी प्रचलित है।

ये भी पढ़ें- साल में सिर्फ एक बार आता है ये शुभ योग, इस बार 30 मार्च को बनेगा, सिर्फ 4 घंटे 23 मिनट रहेगा

4. दशामाता व्रत करने वाली महिलाएं दिन भर में मात्र एक बार भोजन या फलाहार कर सकती है कर सकती हैं। इस व्रत में बिना नमक का भोजन किया जाता है। 
5. मान्यता है कि दशामाता व्रत को विधि-विधान, सच्चे मन, भक्ति भाव से करने पर, एक साल के भीतर जीवन से जुड़े दु:ख और समस्याएं दूर हो जाती हैं।
6. दशा माता का डोरा साल भर गले में पहना जाता है। लेकिन यदि दशा माता का डोरा साल भर नहीं पहन सकते हैं तो वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष में किसी अच्छे दिन खोलकर रखा जा सकता है। उस दिन व्रत करना चाहिए।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred


ये भी पढ़ें- 

2022 में कितने चंद्रग्रहण होंगे, कौन-सा भारत में दिखेगा और कौन-सा नहीं? जानिए चंद्रग्रहण से जुड़ी हर खास बात

23 मार्च को उदय होगा गुरु, शिक्षा के मामलों में होंगे बड़े बदलाव, इन 3 राशि वालों का शुरू हो सकता है बुरा समय

9 ग्रहों में से कौन-से ग्रह हमेशा टेढ़ी चाल चलते हैं और कौन-से ग्रहों की चाल में परिवर्तन होता रहता है?

खर मास के बाद कब है विवाह के लिए पहला शुभ मुहूर्त, अभी क्यों नहीं कर सकते हैं मांगलिक कार्य?