2020 में शनि के राशि परिवर्तन को लेकर वैदिक और पाश्चात्य ज्योतिष में मतभेद है। पाश्चात्य ज्योतिष के अनुसार 24 जनवरी को शनि राशि बदलेगा लेकिन परंपरागत पंचांगों के अनुसार 18 फरवरी को शनि मकर राशि में आएगा।

ज्योतिषियों के अनुसार, शनि राशि बदलने के लगभग 6 महीने पहले से ही इसका असर दिखाने लगता है। मकर राशि में शनि के आने से वृश्चिक राशि वालों की साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी और कुंभ राशि वालों पर साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। धनु राशि वालों पर साढ़ेसाती का आखिरी चरण हैं यानी आने वाले ढाई साल तक इस राशि वालों को शनि का शुभ फल मिलेगा। वहीं मकर राशि पर शनि के शुरुआती ढाई साल ही पूरे हुए हैं। इस राशि वालों को अगले 5 साल तक साढ़ेसाती रहेगी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

शनि की ढैय्या
वर्तमान में वृष और कन्या राशि वाले लोगों पर शनि की ढैय्या चल रही है। 2020 में शनि के मकर राशि में आते ही मिथुन और तुला राशि वालों पर शनि की ढैय्या शुरू हो जाएगी। यानी मिथुन राशि के लिए गोचर कुंडली में शनि अष्टम भाव में आ जाएगा और तुला राशि वालों पर शनि की टेढ़ी नजर रहेगी। इस वजह से इन 2 राशियों के लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

किन राशियों पर रहेगी शनि की नजर
मकर राशि में शनि के आ जाने से कर्क राशि वालों पर शनि की सीधी दृष्टि रहेगी। हालांकि इससे कर्क राशि वालों के लिए समय मिला-जुला रहेगा, लेकिन तुला राशि पर शनि की टेढ़ी नजर होने से इस राशि के लोगों के कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं। धन हानि और दौड़-भाग के भी योग बनेंगे। मेहनत भी ज्यादा होगी। वहीं मीन राशि वालों पर शनि की तीसरी दृष्टि भी रहेगी, लेकिन इसका कोई खास अशुभ प्रभाव नहीं होगा।

7 राशियां होंगी प्रभावित
2020 में शनि के राशि बदलने से 2022 तक कई लोग शनि के शुभ-अशुभ असर से प्रभावित होंगे। शनि के राशि परिवर्तन का प्रभाव खासतौर से धनु, मकर, कुंभ, मीन, मिथुन, कर्क और तुला राशि वालों पर पड़ेगा। शनि के कारण इन 7 राशि वालों के जीवन में बड़े बदलाव हाेने की संभावना है। इनके अलावा शनि देव अन्य 5 राशियों को भी किसी न किसी तरह प्रभावित करेंगे।