हिंदू पंचांग के अनुसार, एक साल में 12 महीने होते हैं। इनमें से पांचवे महीने का नाम श्रावण है, जिसे सावन (Sawan 20220 भी कहा जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, ये महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। इसलिए इस महीने में महादेव की पूजा विशेष रूप से की जाती है। 

उज्जैन. इस बार सावन (Sawan 2022) मास की शुरूआत 14 जुलाई से हो रही है जो 11 अगस्त तक रहेगा यानी इस बार सावन 29 दिन का रहेगा। इस महीने में शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। सभी लोग अपने-अपने तरीके से शिवजी को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न उपाय करते हैं। धर्म ग्रंथों में कुछ ऐसी चीजें बताई गई हैं, जो शिवजी को बहुत प्रिय हैं। सावन में शिवजी (Sawan Ke Upay) की पूजा करते समय ये चीजें चढ़ाई जाएं तो बहुत ही शुभ फल प्राप्त होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि भी बनी रहती है। आगे जानिए ऐसी ही 5 चीजों के बारे में जो सावन मास में शिवजी को अर्पित करनी चाहिए…

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1. धतूरा
भगवान शिव की पूजा में धतूरा जरूर चढ़ाया जाता है। शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव को धतूरे के फूल चढ़ाने से सुयोग्य पुत्र की प्राप्ति होती है, जो कुल का नाम रोशन करता है। लाल डंठलवाला धतूरा भी शिव पूजा में शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि
शिवजी ने जब समुद्र मंथन से निकले हालाहल विष को पिया तो अश्विनी कुमारों ने भांग, धतूरा, बेल जैसी औषधियों से शिव जी का उपचार किया। इसलिए धतूरा चढ़ाने से शिवजी अति प्रसन्न होते हैं।

2. आंकड़े के फूल
शिवजी को आंकड़े के फूल भी पूजा में जरूर चढ़ाए जाते हैं। शिवपुराण के अनुसार, लाल व सफेद आंकड़े के फूल से भगवान शिव का पूजन करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। आंकड़ा एक जहरीला पौधा होता है, लेकिन फिर भी शिवजी इसे सहजता से स्वीकार कर लेते हैं। लाइफ मैनेजमेंट की दृष्टि से देखें तो महादेव उस वस्तु को भी आसानी से अपना लेते हैं जिससे दुनिया दूर भागती है।

3. भांग
ये एक तरह का नशीला पौधा होता है, जिसे विजया भी कहते हैं। आयुर्वेद में इसका उपयोग औषधि के रूप में होता है। शिवपुराण के अनुसार, विजया (भांग) मिश्रित जल से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए, इससे पुराने रोगों में आराम मिलता है और सेहत ठीक रहती है। भांग से शिवलिंग का श्रंगार भी कर सकते हैं। इससे भी शुभ फल मिलते हैं।

4. बिल्व पत्र यानी बिल्व के पत्ते
बिल्व पत्र के बारे में कहा जाता है कि इसे शिवलिंग पर चढ़ाने से हर परेशानी से बचा जा सकता है। शिवजी को तीन पत्तियों वाला बिल्व पत्र ही चढ़ाना चाहिए, क्योंकि यही सर्वोत्तम माना गया है। बिल्व पत्र अर्पित करते समय ध्यान रखें कि यह खराब नहीं होना चाहिए। बिल्व की जड़ में स्वयं शिवजी का निवास माना गया है। एक बिल्व पत्र को कई बार धोकर भी शिवलिंग पर चढ़ा सकते हैं।

5. शमी के पत्ते
शमी के पत्ते शिवजी की पूजा में जरूर चढ़ाने चाहिए। शमी शनिदेव का पेड़ माना जाता है। शिवजी को शमी के पत्ते चढ़ाने से शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं और अन्य ग्रहों से संबंधित शुभ फल भी मिलते हैं। यदि किसी व्यक्ति पर शनि की ढय्या या साढ़ेसाती का प्रभाव हो तो शिवलिंग पर शमी के पत्ते चढ़ाने से उसके अशुभ प्रभाव में भी कमी आ सकती है।


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