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दुष्कर्म के बाद बेटी की हत्या करने वाले को फांसी, जज बोले-तब तक लटकाना जब तक मौत न हो जाए

स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) वीके जायसवाल ने इसे विरलतम श्रेणी का अपराध माना। 24 पेज के फैसले में उन्होंने लिखा, हत्यारे को गर्दन में फांसी लगाकर तब तक लटकाया जाए, जब तक कि उसकी मृत्यु न हो जाए।

agra court sentenced to death for rape and murder of daughter
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Agra, First Published Sep 20, 2019, 6:13 PM IST
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आगरा (Uttar Pradesh). यूपी के आगरा में बेटी से दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले 50 साल के शख्स को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। जज ने फैसला सुनाने के साथ कहा, ऐसा जुर्म तो कोई राक्षस प्रवृति का व्यक्ति ही कर सकता है। समाज किसी भी सूरत में ऐसे राक्षसी प्रवृति के व्यक्ति को स्वीकार नहीं करेगा। कोर्ट ने सजा के साथ 2.35 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। 

जानें जज ने क्या कहा
स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) वीके जायसवाल ने इसे विरलतम श्रेणी का अपराध माना। 24 पेज के फैसले में उन्होंने लिखा, हत्यारे को गर्दन में फांसी लगाकर तब तक लटकाया जाए, जब तक कि उसकी मृत्यु न हो जाए। उसने बेटी की हत्या के बाद थाने जाकर झूठ बोला था कि वह लापता हो गई है। सभ्य समाज में ऐसे जुर्म की कल्पना नहीं की जा सकती कि कोई 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करेगा और आखिर में उसकी निर्ममता से हत्या कर देगा। दुष्कर्म का शिकार हुई उस बच्ची के मन पर क्या गुजरी होगी। एक पिता अपने बच्चों का संरक्षक होता है, ये तो रक्षक है। उसने पूरी मानवता को शर्मसार किया। ये निर्भया कांड के समान है। अगर ये शख्स समाज में खुलेआम घूमते रहा तो सभ्य समाज में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का उद्देश्य कभी पूरा नहीं हो पाएगा।

क्या है पूरा मामला
24 नवंबर 2017 की रात आगरा के एत्मादपुर का रहने वाला शख्स अपनी 7 साल की बेटी को उठाकर पास के सरकारी स्कूल में ले गया। जहां उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची की चीख बंद करने के लिए उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। बाद में मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। दूसरे दिन मासूम का शव स्कूल से बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया था कि मासूम के चेहरे को दांतों से काटा और नाखूनों से नोंचा गया था। 

बेटों ने दी थी अहम गवाही
आरोपी के 2 बेटे हैं, एक 9 और दूसरा 13 साल का है। उन्होंने बताया था, पापा ने बहन के साथ पहले घर में गलत ​काम किया। जब वह रोने लगी तो दवा दिलाने के बहाने उसे उठाकर ले गए। दूसरे दिन उसका शव मिला। पापा ने दरिंदगी की है, उन्हें सजा मिले।

आईजी करेंगे अभियोजन टीम को सम्मानित
आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने बताया, रेंज में पोक्सो एक्ट के 10 मामले जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए चिह्नित किए गए थे। उनमें ये मामला भी शामिल है। पूरी अभियोजन टीम को सम्मानित किया जाएगा।

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