गंभीरवन में निर्माणाधीन ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक का कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा। इसी के साथ ड्राइविंग लाइसेंस को बनवाना और भी कठिन हो जाएगा। लाइसेंस के लिए इस प्रक्रिया से गुजरना ही पड़ेगा और टेस्ट में पास होने पर ही यह जारी किया जाएगा। 

आजमगढ़: अगर आप ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सोच रहे हैं तो सावधान हो जाएं। अब आप पहले की तरह से बिना किसी जांच या परीक्षा के लाइसेंस नहीं बनवा पाएंगे। अब इसके लिए वाहन चालकों को ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक से गुजरना पड़ेगा। इस दौरान खास बात यह रहेगी कि इस दौरान आरआई या किसी अधिकारी का वहां पर मौजूद रहना भी जरूरी नहीं होगा। ट्रैक पर लगे सेंसर से ही वह अपने कार्यालय से निगरानी कर सकेंगे। इस परीक्षा को पास करने के बाद ही आपका ड्राइविंग लाइसेंस जारी होगा। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

टेस्ट खत्म होते ही पता चला जाएगा रिजल्ट
गंभीर वन में निर्माणाधीन ट्रैक दिसंबर माह तक बनकर तैयार हो जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार टेस्ट को पूरा करते ही लाल या हरी बत्ती चालक को यह संदेश दे देगी की वह पास हुआ है या फेल। ज्ञात हो की अभी तक आजमगढ़ में इस तरह की व्यवस्था नहीं थी। जब भी लोग लाइसेंस के लिए आवेदन करते थे तो महज कुछ औपचारिकताओं के बाद ही उन्हें यह जारी हो जाता था। लेकिन दिसंबर माह से आटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक पर टेस्ट के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाएगा। हर हाल में आवेदक को यह परीक्षा पास ही करनी होगी। यदि वह परीक्षा में फेल होता है तो दोबारा फिर से टेस्ट देना होगा। 

एक क्लिक पर सामने आ जाएंगी चालक की सभी गलतियां
बताया गया कि आटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक गंभीरवन में तैयार हो रहा है। यह 7.36 करोड़ की लागत से बन रहा है। निर्माण का 68 फीसदी काम भी पूरा हो चुका है। ट्रैक का निर्माण स्टेट कांस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन के द्वारा किया जा रहा है। इस ट्रैक के पास कंट्रोल रूम होगा और वहीं से परीक्षा दे रहे शख्स पर नजर रखी जाएगी। टेस्ट पूरी तरह से आनलाइन होगा और एक क्लिक पर ही वाहन चालक की सभी गलतियां सामने आ जाएगी। 

ताजनगरी में सामने आया 'लेडी लव जिहाद' का पहला केस, सीसीटीवी कैमरे ने खोला बड़ा राज