आजमगढ़ में जहरीली शराब से हुई लोगों की मृत्यु के बाद समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधा है। पार्टी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट हुआ कि भाजपा सरकार की विदाई की बेला में भी जारी है सत्ता संरक्षित अवैध शराब का जानलेवा कारोबार। 

लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव (UP Vidhansabha Election) में जिस तरह से राजनीतिक दल सत्ता में आने के लिए तेजी से चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उसी तरह से राज्य के आजमगढ़ जिले में तेजी से शराब की खपत भी बढ़ी है। जिसका फायदा उठाकर लोगों द्वारा मिलावटी शराब की बिक्री तेजी से की जा रही है। इसके बीच ही प्रदेश में चुनावी माहौल के चलते विपक्ष एक-दूसरे पर हमलावर हो रहे है। आजमगढ़ में ऐसी घटना को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधा है। पार्टी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट हुआ कि भाजपा सरकार की विदाई की बेला में भी जारी है सत्ता संरक्षित अवैध शराब का जानलेवा कारोबार! आजमगढ़ में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मृत्यु अत्यंत दु:खद! सरकार, पुलिस और शराब माफिया के सिंडिकेट की ये देन है। दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई।

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यह था पूरा मामला
बता दे कि इस हादसे में जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हो गई। जबकि 12 लोगों की हालत गंभीर है। इनमें से कुछ की आंख की रोशनी चली गई है। यह पूरी घटना माहुल कस्बे में रविवार रात की है। मिली जानकारी के अनुसार, जिस ठेके से ग्रामीणों ने शराब खरीदी है। वह ठेका बाहुबली पूर्व सांसद और मौजूदा सपा प्रत्याशी रमाकांत यादव के भतीजे रंजेश का है। ठेका माहुल पुलिस चौकी के बगल में है।

पुलिस चला रही सर्च ऑपरेशन
उधर, पुलिस ने ग्रामीणों और आसपास के लोगों से पूछताछ की है। इसके साथ ही पुलिस और प्रशासन इलाके में सर्च अभियान चला रहा है ताकि ये पता लगाया जा सके कि रविवार को इस ठेके से और किन-किन लोगों ने शराब पी थी। जिससे समय रहते उनका इलाज कराया जा सके। ग्रामीणों के मुताबिक, जिन 9 लोगों की मौत हुई है, उनमें से 5 का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। जबकि 4 शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मृतक एक ही पंचायत क्षेत्र के अलग-अलग वॉर्ड के थे। जिन 12 लोगों की तबीयत गंभीर है। वह भी अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। SP अनुराग आर्य ने बताया कि दो लोगों को हिरासत में लिया है, उनसे पूछताछ की जा रही है।

ग्रामीणों ने रोड जाम कर जताया विरोध 
वहीं घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की मिलीभगत के चलते ठेके से शराब की बिक्री होती थी। किसी भी तरह की कोई रोक-टोक नहीं थी। ज्यादा मुनाफे के चक्कर में लोगों को जहरीली शराब सरकारी ठेके से बेची गई। वहीं सूचना पर पहुंचे आलाधिकारी लोगों को शांत कराने में जुटे रहे।

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