गोरखपुर के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके गोलघर में नो पार्किंग से वाहन उठाने पर भाजपा पार्षदों ने  कर्मचार‍ियों के साथ मारपीट की। इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई तो भाजपा पार्षद पुलिसकर्मियों से भी उलझ गए। इस मामले में कर्मचार‍ियों ने पुल‍िस को तहरीर दी है। पुल‍िस मामले की जांच कर रही है।

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के जिले गोरखपुर में सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके गोलघर में नो पार्किंग से वाहन उठाने पर भाजपा पार्षदों ने जमकर बवाल किया। पार्षद पुलिस लाइन के यार्ड में घुस गए और कर्मचारियों को मारना शुरू कर दिया। इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई तो भाजपा पार्षद पुलिसकर्मियों से भी उलझ गए। जिसके बाद पुलिस को तहरीर दे दी गई है।

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यह है पूरा मामला
दरअसल शहर में रविवार की दोपहर भाजपा ने तीन पार्षद दो कार से गोलघर में गए थे। कार सड़क पर खड़ी कर वो तीनों दूसरी ओर चले गए। नगर निगम की ओर से निर्धारित एजेंसी के कर्मचारियों ने नो पार्किंग में कार खड़ी देखी तो कार हटाने की चेतावनी भी दी। लेकिन इसके बाद भी कोई कार हटाने नहीं आया तो कर्मचारी कार लेकर पुलिस लाइन चले गए। 

गाली देते हुए कर्मचारियों को पीटा
इस हादसे पर कर्मचारियों का आरोप है कि गाड़ी उठाने के कुछ देर बाद तीन लोग पहुंचे और खुद को भारतीय जनता पार्टी के पार्षद बताते हुए गाली देने लगे। कर्मचारियों ने नो पार्किंग में कार खड़ा होने का हवाला देते हुए उठाने की जानकारी दी तो पार्षद और भड़क गए। कर्मचारियों का आरोप है कि पार्षदों ने को पीटना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। शहर की पुलिस लाइन में पिटाई की जानकारी मिलते ही जटेपुर पुलिस के साथ ही भारी संख्या में पुलिसबल पहुंचा। 

मौके पर पुलिस के पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने पार्षदों को समझाना शुरू किया। पार्षदों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों से भी उलझ गए। पुलिसकर्मियों ने जब सख्त रुख अपनाया तब पार्षद शांत हुए। जटेपुर चौकी प्रभारी संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि विवाद होने की सूचना पर पहुंचा था। कुछ लोग खुद को पार्षद बताकर हंगामा कर रहे थे। पुलिस आने पर वह वाहन लेकर चले गए।

वाहन को नो पार्किंग में किया जा रहा खड़ा 
राज्य में हर महानगर में बनाई गई नो पार्किंग व्यवस्था बनाई गई है। लेकिन कुछ शहरों में इसका पालन नहीं किया जा रहा है। गोलघर में मल्टी लेवल पार्किंग और पार्क रोड पर पार्किंग बनने के बाद भी लोग सड़क पर वाहन खड़ा कर रहे हैं। कुछ दिन पहले भी नो पार्किंग से वाहन उठने पर एक पार्षद ने हंगामा किया था। बाद में अफसरों के हस्तक्षेप के बाद वाहन को छोड़ा गया था।

हर महीने नगर निगम को 1.80 लाख की आय
नगर निगम नो पार्किंग से वाहन उठाकर पुलिस लाइन स्थित यार्ड पहुंचाने और जुर्माना जमा करने के एवज में एजेंसी हर महीने नगर निगम को 1.80 लाख रुपये देती है। इससे पहले भी नगर निगम की दो क्रेन वाहनों को उठाने के लिए चलाई जाती थी लेकिन हर महीन तकरीबन 75 हजार रुपये नगर निगम को ही क्रेन पर खर्च करना पड़ता था। अब नगर निगम की अच्छी खासी कमाई हो रही है।

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