राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनने के बाद मंदिर निर्माण के तैयारियां जोरों पर हैं। लेकिन इसके पूर्व सालों से टेंट में विराजमान रामलला का स्थान बदलने की कवायद की जा रही है। ट्रस्ट के न्यासियों ने आपसी बैठक के बाद रामलला विराजमान का स्थान बदलने का लिया है। राम मंदिर निर्माण पूरा होने तक रामलला इस अस्थाई मंदिर में रहेंगे। 

अयोध्या(Uttar Pradesh ). राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनने के बाद मंदिर निर्माण के तैयारियां जोरों पर हैं। लेकिन इसके पूर्व सालों से टेंट में विराजमान रामलला का स्थान बदलने की कवायद की जा रही है। ट्रस्ट के न्यासियों ने आपसी बैठक के बाद रामलला विराजमान का स्थान बदलने का लिया है। राम मंदिर निर्माण पूरा होने तक रामलला इस अस्थाई मंदिर में रहेंगे। 

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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए कोर्ट के आदेश पर ट्रस्ट के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। लेकिन मंदिर निर्माण के लिए टेंट में सालों से विराजमान रामलला का स्थान बदला जाना है। इस बारे में रामलला के मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास का कहना है कि रामलला के लिए अस्थाई मंदिर की स्थापना कर उसमे उन्हें रखा जाएगा। इसके लिए नया स्थान गैंगवे के निकट थ्री डी बैरियर के पूरब दिशा में स्थान चिन्हित किया गया है। ट्रस्ट के लोगों की सहमति के बाद इस स्थान की साफ़ सफाई करवाई जा रही है। 

बुलेट प्रूफ होगा अस्थाई मंदिर
विराजमान रामलला के लिए अस्थाई मंदिर की डिजाइन भी लगभग फाइनल की जा चुकी है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी रुड़की इंजीनियरिंग संस्थान को दी गई है। संस्थान के विशेषज्ञों की देखरेख में तैयार होने वाला ये मंदिर वाटर एवं फायर प्रूफ के साथ ही बुलेट प्रूफ भी होगा। हांलाकि इसकी पुष्टि अधिकारिक तौर से नहीं की गई है। माना जा रहा है कि हिंदी नव वर्ष के शुरुआत में रामलला के स्थान परिवर्तन का काम कर लिया जाएगा।