ट्रेन का किराया देने की पेशकश करने के बाद कांग्रेस ने एक हजार बसें उत्तर प्रदेश में चलाने की अनुमति मांगी थी। इस पर सीएम योगी ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कोरोना संकट में अगर कोई संस्था या दल सहयोग देने में रुचि लेना चाहता है और प्रदेश सरकार को सूची (प्रवासी श्रमिक एवं साधनों की) भेजेगा तो उन्हें अवश्य अनुमति मिलेगी, उसका स्वागत भी होगा। 

लखनऊ(Uttar Pradesh). यूपी में प्रवासी श्रमिकों के आने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। चिलचिलाती गर्मी व धूप में यूपी से सटे अन्य राज्यों की सीमा पर प्रवासी मजदूरों की भीड़ उनकी मजबूरी की दास्तां खुद बयां कर रही है। लेकिन इन सब के बीच यूपी की सियासत भी खूब परवान चढ़ रही है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस लगातार सरकार को इस मुद्दे अपर घेरने की कोशिश कर रही है । इसी को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार से श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने के लिए एक हजार बसें उत्तर प्रदेश में चलाने की अनुमति मांगी थी। इस पर सीएम योगी ने कांग्रेस से श्रमिकों व बसों की सूची मांगते हुए अनुमति देने की बात कही है। वहीं सीएम के बयान के बाद यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने उन्हें बसों की लिस्ट देने की बात कही है। 

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ट्रेन का किराया देने की पेशकश करने के बाद कांग्रेस ने एक हजार बसें उत्तर प्रदेश में चलाने की अनुमति मांगी थी। इस पर सीएम योगी ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कोरोना संकट में अगर कोई संस्था या दल सहयोग देने में रुचि लेना चाहता है और प्रदेश सरकार को सूची (प्रवासी श्रमिक एवं साधनों की) भेजेगा तो उन्हें अवश्य अनुमति मिलेगी, उसका स्वागत भी होगा। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के बयान का पलटवार करते हुए कहा है कि इस वैश्विक महामारी के समय में कांग्रेस द्वारा की जा रही नकारात्मक और ओछी राजनीति की निंदा होनी चाहिए। 

श्रमिकों की सकुशल वापसी के लिए सरकार प्रतिबद्ध 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना संकट के समय अपने प्रवासी कामगार व श्रमिकों की सकुशल और सम्मानजनक वापसी पूरी प्रतिबद्धता से कर रही है। अब तक भारत सरकार के सहयोग से 14 लाख से अधिक प्रवासी कामगार-श्रमिक प्रदेश में आए हैं। परिवहन निगम की 12 हजार बसें और प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी के प्रवर्तन पर 200 बसें अतिरिक्त प्रवासी कामगार-श्रमिकों की सेवा में लगाई हैं। राजस्थान, पंजाब या जो भी राज्य सरकार प्रवासी कामगार-श्रमिकों की सूची उप्र शासन को उपलब्ध करा रही है, उस राज्य से उनकी सुरक्षित वापसी के लिए श्रमिक एक्सप्रेस और अन्य सुरक्षित साधन लगाए गए हैं।

कांग्रेस नेताओं ने सीएम को लिखा पत्र 
कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर एक हजार बसें चलवाने की अनुमति मांगी थी। रविवार को प्रियंका ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि ये राजनीति का वक्त नहीं है। हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी हैं। हजारों श्रमिक और प्रवासी भाई-बहन बिना खाए-पिए पैदल ही मुसीबतें उठाते हुए अपने घरों की ओर चल रहे हैं। हमें इनकी मदद करने दीजिए। हमारी बसों को अनुमति दीजिए। इसी तरह यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और पार्टी की विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। उन्होंने झांसी बॉर्डर पर श्रमिकों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की और बसें चलाने की अनुमति देने की मांग की थी।

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष बोले- सरकार हमारी बसें ले 
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के बाद यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने एशियानेट हिन्दी से बात करते हुए कहा कि हम सरकार को अपनी बसें देने को तैयार हैं। सरकार ने हमसे बसों व श्रमिकों की लिस्ट मांगी है। हम उन्हें बसों की लिस्ट उपलब्ध करवाने को तैयार हैं। वह इन बसों को यूपी में जहां भी भेजना चाहें भेज सकते हैं। श्रमिक तो इस समय सडक पर है ।सरकार को दूसरे राज्यों से आ रहे श्रमिकों को बॉर्डर पर ही रोक कर बसों से उनके घर भेजना चाहिए।