यूपी के कासगंज में एक हादसे के बाद तीन भाई बहनों का निधन हो गया। तीनों के शवों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। यह नजारा देखकर ग्रामीण चीख उठे और सभी आंखे नम नजर आईं। 

कासगंज: दीवार गिरने के बाद हादसे में भाई और दो बहनों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव गांव पहुंचे। तीन शव पहुंचने के बाद हर किसी की आंखे नम थीं। शवों के अंतिम दर्शन को लेकर गांव में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। तीनों के अंतिम संस्कार में आसपास के गांव के लोग भी शामिल रहें। सभी पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाते हुए नजर आए। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

ग्रामीणों ने शव रखकर किया प्रदर्शन 
इस मामले में ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगाया। गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर मैनपुरी-बदायूं हाईवे पर थाना गांव के पास शव को रखकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। हाईवे जाम होने के बाद यातायात पूरी तरह से बाधित नजर आया। जाम लगने की सूचना के बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि लोग समझाने के बाद भी मानने को तैयार नहीं थे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी। इसके बाद एसडीएम रवेंद्र कुमार, तहसीलदार अरविंद गौतम और नायब तहसीलदार मुकेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। 

एक ही चिता पर रखे गए तीनों शव
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया। परिजनों को हर संभव सरकारी मदद का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने रास्ता खाली किया। इसके बाद पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला और घंटों की मशक्कत के बाद यातायात को सामान्य किया जा सका। मामले को लेकर एसडीएम रवेंद्र कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों को बाल विकास योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक योजना, विधवा पेंशन समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। इसी के साथ और भी जो संभव मदद हो सकेगी वह दिलाने का प्रयास होगा। एसडीएम के आश्वासन के बाद तीनों शवों की अंत्येष्टि की गई। एक ही चिता पर तीनों भाई-बहनों के शवों को रखा गया और यह दृश्य देख चीत्कार मच गई। 

दो छात्र गुटों में खूनी संघर्ष: मेरठ एसएसपी आवास के पास चली ताबड़तोड़ गोलियां, देखें Photos