दिल्ली के शाहीन बाग के तर्ज पर महिला प्रदर्शनकारी मुंबई बाग में भी सीएए के खिलाफ विरोध कर रही हैं। मुंबई बाग में विरोध-प्रदर्शन का आज तीसरा दिन है।

लखनऊ (Uttar Pradesh)। गोरखपुर के डॉक्टर कफील खान को यूपी एसटीएफ ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। डा. कफील ने सीएए के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था। इसी के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ के महानिरीक्षक अमिताभ यश ने बताया कि डॉ. कफील को आज को मुंबई बाग विरोध प्रदर्शन में शामिल होना था। बता दें कि डॉक्टर कफील खान करीब सात महीने तक जेल में बंद थे। अप्रैल 2018 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी।

एएमयू में क्या कहा था कफिल ने ?

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FIR के अनुसार, कफील ने अपने भाषण में कहा कि 'मोटा भाई' हर किसी को हिंदू या मुस्लिम बनना सिखा रहा है, लेकिन एक इंसान नहीं। आरएसएस के अस्तित्व में आने के बाद से वह संविधान में विश्वास नहीं करता। सीएए मुसलमानों को दूसरी श्रेणी का नागरिक बनाता है और बाद में उन्हें एनआरसी के कार्यान्वयन के साथ परेशान किया जाएगा। 

मुंबई में चल रहा है प्रदर्शन
दिल्ली के शाहीन बाग के तर्ज पर महिला प्रदर्शनकारी मुंबई बाग में भी सीएए के खिलाफ विरोध कर रही हैं। मुंबई बाग में विरोध-प्रदर्शन का आज तीसरा दिन है।

2017 में इस कारण किए गए थे बर्खास्त 
2017 में गोरखपुर के राजकीय बीआरडी अस्पताल में दो दिन के अंदर 30 बच्चों की मौत हो गई थी। डॉक्टर कफील खान को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत के मामले में आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया था। घटना के वक्त वह एईएस वार्ड के नोडल अधिकारी थे। बाद में शासन ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था।

सात माह की जेल काटकर आए हैं बाहर
डॉक्टर कफील खान करीब सात महीने तक जेल में बंद थे। अप्रैल 2018 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। वहीं, डॉ. कफील ने अपने निलंबन को लेकर चल रही जांच को कोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद डा. कफील ने सीएए के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था।