यूपी के मेरठ का रहने वाला पवन जल्लाद निर्भया गैंगरेप केस के दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाएगा। पवन को बुलाने के लिए तिहाड़ जेल से एक लेटर लिखा गया है। लेकिन इन सब के बीच पवन एक बात को लेकर परेशान है। उसने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने मार्मिक अपील भी की है। इसके लिए वह अब पत्र भी लिखेगा।

मेरठ (Uttar Pradesh). यूपी के मेरठ का रहने वाला पवन जल्लाद निर्भया गैंगरेप केस के दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाएगा। पवन को बुलाने के लिए तिहाड़ जेल से एक लेटर लिखा गया है। लेकिन इन सब के बीच पवन एक बात को लेकर परेशान है। उसने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने मार्मिक अपील भी की है। इसके लिए वह अब पत्र भी लिखेगा।

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क्यों परेशान है पवन जल्लाद
मेरठ के आलोक विहार कालोनी का रहने वाले पवन का परिवार कई पीढ़ीयों से जेल में फांसी देने का काम करता आ रहा है। इससे पहले उसके परदादा लक्ष्मण सिंह, दादा कल्लू जल्लाद और पिता मम्मू सिंह भी फांसी देने का काम करते थे। पवन ने कहा, पिता के बाद मैंने कई जेलों में जाकर दोषियों को फांसी पर लटकाया। कुछ समय पहले तक इस काम के लिए मुझे मेरठ जेल से तीन हजार रुपये महीने मानदेय मिलता था। काफी कोशिशों के बाद ये मानदेय बढ़कर 5000 रुपए हो गया। लेकिन आज के महंगाई के दौर में पांच हजार रुपए में परिवार का पेट पालना मुश्किल हो गया है। मैंने कई अधिकारियों से मानदेय बढ़ाने के लिए अपील की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 

बच्चे कहते हैं, पापा छोड़ दो ये काम
पवन कहते हैं, मकान टूट-फूट गया है। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कराना मुश्किल होता जा रहा है। कई बार तो स्कूल की फीस तक नहीं जमा हो पाती। इन्हीं सब परेशानी को देखते हुए बच्चे कहते हैं कि पापा इस काम को छोड़ दो। साइकिल पर कपड़े रखकर गली-गली फेरी लगाता हूं, तब कहीं जाकर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो पाता है। मैं अबमानदेय बढ़वाने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सीएम योगी आदित्यनाथ, गृह मंत्री, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और यूपी के जेल विभाग को पत्र लिखूंगा।