बहराइच के कतर्नियाघाट संरक्षित वन्यजीव क्षेत्र में जेट्रोफा काटने जा रहे बाप-बेटे पर तेंदुए ने हमला कर दिया। बेटे को बचाने के लिए पिता तेंदुए से भिड़ गया।  

बहराइच (उत्तर प्रदेश ). बहराइच के कतर्नियाघाट संरक्षित वन्यजीव क्षेत्र में जेट्रोफा काटने जा रहे बाप-बेटे पर तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुए ने बेटे का सिर अपने जबड़ों के बीच दबाने का प्रयास किया । लेकिन बेटे के साथ रहे पिता ने पलक झपकते ही मोर्चा संभाल लिया। वह तेंदुए से भिड़ गया। दोनों के बीच लगभग 15 मिनट तक फाइट चलती रही। अपनी बहादुरी से वह तेंदुए को जंगल में भगाकर बेटे की जान बचाने में कामयाब रहा । इस फाइट में वह गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है। 

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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र अंतर्गत सुजौली थाना के कैलाशनगर निवासी त्रियुगी अपने बेटे कृपाराम के साथ बुधवार की सुबह साइकिल से जेट्रोफा काटने जा रहा था। जैसे ही वह संरक्षित क्षेत्र कैलाशनगर के पास पहुंचे तभी अचानक पीछे से साइकिल सवार कृपाराम पर तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुए ने पंजा मारकर कृपाराम को नीचे गिरा दिया और उसका सिर अपने जबड़ों से दबाने का प्रयास किया । 

पिता की दिलेरी ने बचाई जान 

तेंदुए द्वारा बेटे पर अचानक हमला देख कर पिता त्रियुगी ने पास ही पड़े एक डंडे को उठा लिया और तेंदुए पर टूट पड़ा। तेंदुए ने त्रियुगी पर कई बार पंजे से हमला किया जिसमे वह लहूलुहान हो गया। लेकिन इसके बावजूद भी उसने साहस नहीं छोड़ा और डटा रहा। बेटे ने भी पिता के साथ तेंदुए पर प्रहार जारी रखा। दोनों की चीख-पुकार पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। आखिर में तेंदुए को पीछे हटना पड़ा और वह जंगल की ओर भाग निकला। 

घायल पिता-पुत्र को मिलेगा मुआवजा 

ग्रामीण घायल बाप-बेटे को स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए। इधर किसी ने इसकी सूचना वन विभाग को भी दे दी। सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी मयंक पांडेय मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान तेंदुए के हमले की पुष्टि हुई है। प्रार्थना पत्र मिलने पर पीड़ित परिवार को विभाग द्वारा मुआवजा दिलाया जाएगा।