गाजियाबाद में दो साल की बच्ची का किडनैप कर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। उसके बाद झाड़ियों के किनारे मासूम को फेंककर दरिंदा फरार हो गया था। पुलिस द्वारा अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने कहा कि मासूम की आंतों में चोट आने की वजह से सर्जरी करनी पड़ेगी।

गाजियाबाद: दिल्ली के पास यूपी के गाजियाबाद जिले में दो साल की बच्ची को अगवाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। उसके बाद रेलवे लाइन के किनारे झाड़ियों में हैवानों ने फेंक दिया। बच्ची की हालत लगातार गंभीर बनी हुई है और उसकी आंतों में काफी चोट आई है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह पता नहीं चल सका कि बच्ची कहां की रहने वाली है और वह यहां तक कैसे पहुंची। उसके बाद पुलिस मासूम की मां तक पुलिस पहुंच गई। मासूम की मां मानसिक रूप से स्वस्थ्य नहीं है। उसकी बेटी को दरिंदा गाजियाबाद के कौशांबी बस स्टैंड से उठाकर ले गया था।

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घायल अवस्था में देख व्यक्ति ने पुलिस को दी थी सूचना
दरअसल बीते 15 अक्टूबर की सुबह साढ़े साथ बजे लिंक रोड थाना क्षेत्र में PMD रोड रेल लाइन के पास झाड़ियों में दो साल की बच्ची रोती हुई मिली। इस रेल लाइन से लोग निकलते रहते हैं। मोहम्मद नौशाद नाम के व्यक्ति की नजर सबसे पहले इस बच्ची पर पड़ी। उसने तुरंत यूपी-112 नंबर पर खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को महिला जिला अस्पताल में पहुंचाया। प्रारंभिक जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। बच्ची की हालत गंभीर होने की वजह से चिकित्सकों ने मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। इस घटना के खुलासे के लिए गाजियाबाद पुलिस ने पांच टीमें लगाई है। फिलहाल पुलिस पांच संदिग्ध युवकों को हिरसत में लेकर पूछताछ कर रही है।

20 दिन से महिला मासूम के साथ रह रह बस
दुष्कर्म पीड़ित मासूम को मेरठ के एलएलआरम मेडिकल कॉलेज के पीकू वार्ड में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि आंतों में गंभीर चोट आने की वजह से सर्जरी करनी पड़ेगी। इससे पहले उसको दूसरे ट्रीटमेंट दिए जा रहे है। इतना ही नहीं मासूम के वार्ड के बाहर पुलिस के दो जवानों की तैनाती हैं। शहर के कौशांबी बस अड्डे से रविवार को सूत्र ने गाजियाबाद पुलिस को खबर दी कि एक महिला अपनी बच्ची को ढूंढ रही है। जिसके बाद तुरंत लिंक रोड थाने की पुलिस बस अड्डे पर पहुंच गई। महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। पता चला कि ये महिला अपनी मासूम बच्ची के साथ करीब 20 दिन से बस अड्डे के आसपास ही रहती थी। वहां के दुकानदार उसको खाने-पीने के लिए सामान या रुपए दे देते थे।

दुकानदार खाने के लिए रुपए के साथ देते थे सामान
कौशांबी बस अड्डे में बीते 20 दिनों से रहने की वजह से वहां के दुकानदार उसको खाने-पीने के लिए सामान या रुपए दे देते थे। लोगों ने जब महिला द्वारा बच्ची को ढूंढते हुए देखा और मीडिया में एक बच्ची के रेल पटरी किनारे मिलने की खबर पढ़ी तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को देना सही समझा। उसके बाद पुलिस ने बच्ची की फोटो महिला को दिखाकर पहचान करवाई। हालांकि यह महिला कौन है, कहां की रहने वाली है, यहां कहां पर रहती है...इसके बारे में कुछ पता नहीं चल पा रहा। पुलिस ने इसके लिए कुछ प्राइवेट काउंसलर की मदद ली है।

खुद झाड़ियों में चलकर पहुंची हो पीड़ित मासूम
घटनास्थल से कौशांबी बस अड्डे की दूरी करीब पांच किलोमीटर है। ऐसा माना जा रहा है कि दरिंदा बच्ची को रेल लाइन के किनारे-किनारे लेकर गया और दरिंदगी के बाद उसको फेंककर भाग निकला। इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि बच्ची उसने रेल लाइन के ऊपर ही फेंकी है, जिससे कुछ और ही अनहोनी घटना हो जाए ताकि यह मामला यहीं दफन हो जाए। मासूम की उम्र दो साल है, ऐसे में वह पैदल चल सकती है तो हो सकता है कि बच्ची रेल लाइन से चलकर खुद झाड़ियों में गिर गई हो और इसी वजह से वह जिंदा बच गई। 

भीख मांगकर महिला कर रही थी गुजारा
इस पूरे प्रकरण को लेकर गाजियाबाद एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि 15 अक्टूबर को लिंक रोड थाना क्षेत्र में कुछ लोग अपने बच्चों को छोड़ने के लिए रेलवे लाइन के किनारे जा रहे थे। इस दौरान उन्हें एक बच्ची घायल अवस्था में पटरी किनारे झाड़ियों में मिली। उसके शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था। उन्होंने आगे कहा कि एक महिला की तहरीर पर पुलिस ने आईपीसी और पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस केस के खुलासे के लिए पांच टीमों का लगाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि बच्ची की मां का पता लगा लिया गया है। वो 15 दिन पहले कौशांबी बस अड्डे पर आई थी और भीख मांगकर गुजारा करती थी। महिला मंदबुद्धि की है, इस वजह से ज्यादा कुछ बता नहीं पा रही है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। 

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