सार

यूपी की राजधानी लखनऊ में रविवार यानी 2 फरवरी को विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हजरतगंज इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिसके बाद इनकी पत्नी कालिंदी शर्मा ने योगी सरकार से 50 लाख रुपए, एक आवास और सरकारी नौकरी की मांग की है।

लखनऊ (Uttar Pradesh). यूपी की राजधानी लखनऊ में रविवार यानी 2 फरवरी को विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हजरतगंज इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिसके बाद इनकी पत्नी कालिंदी शर्मा ने योगी सरकार से 50 लाख रुपए, एक आवास और सरकारी नौकरी की मांग की है। आपको बता दें, रणजीत की ये पहली पत्नी नहीं है। ​इस हिंदू नेता ने 3 शादीयां की थी। आज हम आपको इस नेता से जुड़ी हर छोटी बड़ी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं।

एक दो नहीं इस नेता ने की थी 3 शादी
रणजीत बच्चन ने एक दो नहीं बल्कि 3 शादियां की थी। इनकी पहली शादी परिवार वालों की मर्जी से स्मृति नाम की लड़की से हुई थी। बाद में उसने नेता से अपनना रिश्ता तोड़ लिया। इसके बाद साल 2002 से 2009 के बीच साइकिल यात्रा के दौरान साथ रहीं कालिंदी के साथ रणजीत ने दूसरी शादी की। कुछ साल पहले लखनऊ में एक अधिकारी की बेटी निर्मला से तीसरी शादी रचा ली। बताया जाता है कि शुरू में कालिंदी और निर्मला के बीच विवाद हुआ, लेकिन बाद में दोनों सहमति से साथ रहने लगीं। 

लग चुका है दुष्कर्म का आरोप
जानकारी के मुताबिक, रणजीत के खिलाफ गोरखपुर के शाहपुर थानाक्षेत्र में असुरन की रहने वाली एक महिला ने दुष्कर्म, छेड़खानी की धाराओं में केस दर्ज कराया है। 



कैसे बने हिंदू नेता
यूपी में सपा सरकार में रणजीत बच्चन का नाम अखिलेश यादव के करीबियों में शामिल हो गया था। ये प्रदेश के अलग-अलग हिस्से में साइकिल यात्रा भी लेकर निकले थे। गोरखपुर के सपा नेता भी रणजीत के पास जाकर दरबार लगाते थे। अफसर भी उन्हें अलग से तवज्जो देते थे। जैसे ही यूपी में योगी सरकार आई वैसे ही ये हिंदूवादी नेता हो गए। इससे पहले ये 2010 में भारतेंदु नाट्य एकेडमी में ग्रेडेड आर्टिस्ट और आल इंडिया दूरदर्शन में ड्रामा आर्टिस्ट रह चुके हैं। साइकिल यात्रा के लिए इनका नाम लिम्का बुक आफ रिकार्ड में दर्ज है।

 

रणजीत समाज के लिए कर चुके हैं ये काम 
रणजीत ने भारतीय सोशल वेलफेयर फाउंडेशन गोरखपुर की स्थापना की थी। कौशल्या आश्रम, वृद्धा एवं अनाथ आश्रम गोरखपुर की स्थापना की। जापानी इंसेफेलाइटिस एवं मतदाता जागरूकता के लिए अभियान भी चलाया। महापुरुषों की प्रतिमा का सफाई अभियान, पल्स पोलियो अभियान के साथ समाज के अति पिछड़े, गरीब शोषित के हक के लिए संघर्ष भी करते रहे।