सत्ती देवी की मौत के बाद परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर पड़ाव स्थित अवधूत राम घाट जाने लगे। लेकिन, अभी लोग कुछ दूर ही गए थे कि उनके पति पराहु राम की भी मौत की सूचना मिली। इसके बाद परिजन सत्ती देवी का शव लेकर वापस घर चले आए। 

चंदौली (Uttar Pradesh)। लॉकडाउन में वीबी की मौत का सदमा पति बर्दाश्त नहीं कर सका। साथ जीने और मरने का वादा निभाने का वादा करने वाले पति ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। वहीं, परिवार के लोग भी उनके प्यार की कद्र करते हुए साथ-साथ शव यात्रा निकालकर अंतिम संस्कार किया। यह नियामताबाद के बरहुली इलाके में में हुई।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

यह है पूरा मामला
नियामताबाद के बरहुली गांव के रिटायर्ड रेल कर्मी पराहू राम (70) और सत्ती देवी की (65) वर्ष थी। दोनों लंबे समय से बीमार थे। पहले पत्नी की मौत के बाद पराहु राम इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सके और दुनिया को अलविदा कह दिया। दोनों की एक साथ मौत होने के बाद इनके प्यार को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चा हो रही हैं। 

बीत रास्ते से शव लेकर लौट आए परिजन
सत्ती देवी की मौत के बाद परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर पड़ाव स्थित अवधूत राम घाट जाने लगे। लेकिन, अभी लोग कुछ दूर ही गए थे कि उनके पति पराहु राम की भी मौत की सूचना मिली। इसके बाद परिजन सत्ती देवी का शव लेकर वापस घर चले आए। फिर दोनों दंपति का एक साथ अंतिम संस्कार किया।