यूपी प्रवक्ता भर्ती परीक्षा 2026 में 624 पदों के लिए 4.64 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल होंगे। 17 जिलों के 319 केंद्रों पर AI आधारित CCTV निगरानी, OMR स्कैनिंग और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा आयोजित की जाएगी।
उतार प्रदे में प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। Uttar Pradesh Education Service Selection Commission द्वारा 09 और 10 मई को आयोजित होने वाली इस भर्ती परीक्षा में 4.64 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। कुल 624 पदों के लिए होने वाली इस परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार AI आधारित निगरानी, इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम और OMR स्कैनिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों और नकल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसके लिए उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जाएंगे।
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17 जिलों के 319 केंद्रों पर होगी परीक्षा
आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो दिनों तक दो-दो पालियों में संपन्न होगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास और शिक्षाशास्त्र सहित 6 विषयों की परीक्षा होगी। वहीं दूसरी पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य और समाजशास्त्र जैसे विषय शामिल रहेंगे।
10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत और मनोविज्ञान सहित 5 विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। दूसरी पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी और कला विषयों की परीक्षा कराई जाएगी।
AI आधारित CCTV से होगी निगरानी
इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए AI आधारित CCTV कैमरे लगाए गए हैं। सभी परीक्षा कक्षों और महत्वपूर्ण स्थलों को जिला कंट्रोल रूम और आयोग के इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा गया है।
आयोग के मुताबिक सभी केंद्रों की कनेक्टिविटी का परीक्षण भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। हर जिले में एक विशेष प्रेक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।
नकल और फर्जीवाड़े पर सख्त नजर
आयोग ने बताया कि AI तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान की गई है जिन्होंने अलग-अलग फोटो और नामों के जरिए आवेदन करने की कोशिश की थी। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन समेत किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
लखनऊ में शुरू होगा OMR स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट
परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आयोग ने एक नया प्रयोग भी शुरू किया है। लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत परीक्षा समाप्त होते ही OMR उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग परीक्षा कक्ष में ही की जाएगी। यह प्रक्रिया कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की मौजूदगी में होगी। स्कैन डाटा तुरंत सुरक्षित किया जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर मूल OMR से मिलान किया जा सके।
अभ्यर्थियों को दी गई अहम सलाह
आयोग अध्यक्ष ने सभी अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने और एडमिट कार्ड में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। आयोग का दावा है कि परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी की गई है।
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