कानपुर में रेलवे एग्जीक्यूटिव ने सुसाइड कर लिया। सुसाइड नोट में युवक ने नौकरी से परेशान होने समेत कई अन्य बातों का जिक्र किया। इसी के साथ माता-पिता से इस कृत्य के लिए माफी भी मांगी गई। घटना के सामने आने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।  

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर के कल्याणपुर में राणा प्रताप नगर में रेलवे के एक जूनियर एग्जीक्यूटिव ने खुदकुशी कर ली। युवक के द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद परिजन और उसके जानने वाले तक अंदर से हिल गए है। शख्स ने अपने सुसाइड नोट में मौत के लिए खुद को ही जिम्मेदार बताया। 

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मौत के लिए खुद को बताया जिम्मेदार
अपने सुसाइड नोट में युवक ने लिखा कि,'मैं भानुप्रताप पुत्र राम अवतार कुशवाहा स्वेच्छा से जान देने जा रहा हूं। मैंने पिताजी और मां के सपनों को तोड़ा इसलिए मुझे माफ कर देना। आप दोनों ही लोग हमेशा खुश रहना। मुझे इतना प्यार देने के लिए बड़े भैया-भाभी, आशिक साक्षी, छोटे भैया-भाभी, विदित सभी का धन्यवाद। मां आपकी याद हमेशा ही आती रहेगी। मुझे माफ करना लेकिन मैं अपने आप से हार चुका हूं। इसलिए हमेशा के लिए खुद को खत्म करने जा रहा हूं। ऑफिस के काम से मेंटली डिस्टर्ब हो चुका हूं।' सुसाइड नोट में यही कुछ चंद लाइने लिखकर जूनियर एग्जीक्यूटिव ने खुदकुशी कर ली। 
रिश्तेदार ने जाकर देखा तो लटक रहा था शव
आपको बता दें कि मूलरूप से हमीरपुर के मौदहा स्थित क्षिरका गांव के रहने वाले रामऔतार कुशवाहा के छोटे बेटे भानुप्रताप रेलवे के उपक्रम डीएफसीसीआईएल में जूनियर एक्जीक्यूटिव थे। वह किराए के मकान में रहकर भानुप्रताप सरसौल में बिछाए जा रहे रेलवे ट्रैक का काम देख रहे थे। कई बार उनका फोन मिलने के बाद संपर्क न होने पर परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने छपेड़ा पुलिया निवासी रिश्तेदार नितिन को भानु के घर पर भेजा। दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब न मिलने पर धक्का देकर गेट खोला गया। अंदर भानु का शव नायलॉन की रस्सी के सहारे पंखे से लटक रहा था। मामले को लेकर तत्काल पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 

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