आगरा से बीजेपी सांसद और मोदी सरकार में राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल (SP Singh Baghel) ब्रज क्षेत्र से आते हैं। पिछड़ा वर्ग से आते हैं, पर वो सुरक्षित सीट से सांसद हैं। सत्यपाल सिंह बघेल यानि एसपी सिंह बघेल उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के भटपुरा के मूल निवासी हैं, लेकिन इटावा में रहे हैं। बघेल अपनी कर्मभूमि बदलते रहे हैं और उनकी जाति को लेकर भी काफी विवाद है। 

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के खिलाफ बीजेपी ने कद्दावर नेता और मोदी सरकार में मंत्री एसपी सिंह बघेल (SP Singh Baghel) को प्रत्याशी बनाया था। हालांकि उन्हें यूपी चुनाव में अखिलेश यादव से हार का सामना करना पड़ा। आगरा से बीजेपी सांसद और मोदी सरकार में राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल ब्रज क्षेत्र से आते हैं। पिछड़ा वर्ग से आते हैं, पर वो सुरक्षित सीट से सांसद हैं। सत्यपाल सिंह बघेल यानि एसपी सिंह बघेल उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के भटपुरा के मूल निवासी हैं, लेकिन इटावा में रहे हैं। बघेल अपनी कर्मभूमि बदलते रहे हैं और उनकी जाति को लेकर भी काफी विवाद है। 

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कब हुई वोटिंग 
करहल विधानसभा सीट में तीसरे चरण में वोटिंग हुई। यहां 20 फ़रवरी को मतदान संपन्न हुआ था। इस सीट पर इस बार करीब 65 फीसदी वोटिंग हुई। करहल में 1.35 लाख यादव वोटर हैं। 18000 बघेल, 35000 शाक्य, 12000 लोधी, 18000 मुस्लिम, 18000 ब्राह्मण, 25000 दलित वोटर हैं। साल 2017 के चुनाव में इस सीट पर सपा के सोबरन सिंह यादव ने बीजेपी की रमा शाक्य को हराकर जीत दर्ज की थी।

एसपी बघेल से प्रभावित मुलायम सिंह यादव ने उन्हें जलेसर सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर उतारा और वे 1998 में पहली बार विधायक बने और मुलायम सिंह सरकार में मंत्री भी रहे। 2004 में सपा से सांसद रहे हैं, लेकिन रामगोपाल यादव के साथ उनके रिश्ते खराब होने के बाद पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया। 2010 में बसपा ने उन्हें राज्यसभा में भेजा और साथ ही राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी दी। 2014 के चुनाव से पहले वे बीजेपी में शामिल हो गए। योगी सरकार में मंत्री भी रहे बीजेपी ने एसपी बघेल को 2014 में फिरोजाबाद संसदीय सीट से सपा महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव के खिलाफ उतारा। इसके बाद 2017 में टूंडला से विधायक रहे और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में आगरा सीट से उतारा और वो सांसद चुने गए। उन्हें केंद्रीय राज्यमंत्री बनाया गया।

कितनी संपत्ति के मालिक
चुनाव आयोग को सौंपे गए शपथ पत्र में एसपी सिंह बघेल ने अपनी कुल संपत्ति 8.8 करोड़ रुपए घोषित की है, इसमें 84 लाख रुपए की चल संपत्ति और 7.9 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति शामिल है। एसपी सिंह बघेल पर आपराधिक मामलों की बात करें तो उनके ऊपर कुल 2 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

कौन-कौन मैदान में
समाजवादी पार्टी- अखिलेश यादव
भाजपा- एसपी सिंह बघेल
बसपा- कुलदीप नरायन

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