कानपुर के नर्वल में लापता मासूम की निर्ममता से हत्या कर दी गई। सोमवार को घर के बाहर खेलते वक्त उसे अगवा किया गया था। मंगलवार सुबह घर के पास खेत में नग्न अवस्था में शव बरामद होते ही सनसनी मच गई। पूरा शरीर खून से लथपथ था।

कानपुर: उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के नरवाल इलाके में सोमवार दोपहर से लापता 10 वर्षीय बच्चे का क्षत-विक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया है। मासूम बच्चे की हत्या दरिंदगी की सारी हदे पार कर दी है। बच्चे के साथ ऐसी दरिंदगी की गई, जिसे देखकर और सुनकर इलाके के लोगों के साथ-साथ उन पुलिसवालों के भी दिल कांप उठे हैं, जो बॉडी का पंचनामा करने पहुंचे थे। इस हादसे को जिस हैवानियत से अंजाम दिया गया, उससे दिल्ली का निर्भया कांड याद आ गया। बच्चा दो दिन पहले लापता हुआ था, जिसकी लाश मंगलवार को मिली। हैवानों ने मासूम की गला घोंटकर हत्या करने से पहले उसकी आंख में 5 इंच की कील ठोंक दी क्योंकि आंख के पास एक कील मिली है। इसके साथ ही बच्चे के गुदाद्वार में डंडा डाल दिया। 

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गांव वासियों को याद आया दिल्ली निर्भया कांड 
नरवाल के बेहटा गांव के निवासी राज मिस्त्री महेंद्र कोरी का 9 साल का बेटा 5वीं कक्षा में पढ़ रहा था। बच्चे का शव की ऐसी हालत देखकर गांव वासियों का कहना है कि इसे देखकर दिल्ली निर्भया कांड याद आ गया है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए कई टीमों का गठन किया है। लेकिन 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस अभी तक मामले का कोई खुलासा नहीं कर सकी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना में 6 संदिग्धों को हिरासत में लेकर जांच-पड़ताल की जा रही है। एसपी आउटर अजीत कुमार सिन्हा का दावा है कि जल्द ही हत्याकांड का खुलासा करेंगे। 

फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच कर रही जांच 
सूचना मिलते ही नर्वल पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर जांच करने पहुंची। एक्सपर्ट ने बताया कि बच्चे की आंख से करीब 5 इंच लंबी कील मिली है। उसके पूरे चेहरे पर सिगरेट से जलाने के निशान हैं। इतना ही नहीं, उसके गुदाद्वार में डंडा भी डाला गया है। शव के पास पड़े डंडे में मल और खून लगा हुआ था। गर्दन पर निशान बताते हैं कि हत्यारे ने अपने पैर से लड़के का गला घोंट दिया। बच्चे के पूरे शरीर पर चोट और खरोंच के निशान हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

तंत्र-मंत्र में हत्या का शक, ढाई साल पहले भी हुई थी हत्या 
10 साल के बच्चे की हत्या के पीछे तंत्र-मंत्र की भी आशंका लग रही है, क्योंकि ढाई साल पहले कानपुर आउटर के ही घाटमपुर के भदरस गांव में एक मासूम बच्ची को दो हत्यारों ने बेरहमी से मारकर उसके कलेजे को निकाला था। इस हत्या को दिवाली के दिन गांव के ही एक पति-पत्नी करवाया था और औलाद के लिए बच्ची का कलेजा निकलवाकर खाया था।

बच्चे के साथ हुई बेरहमी से एसपी का कलेजा भी कांपा
इस मामले में कानपुर आउटर के एसपी अजीत सिन्हा का कहना है कि बच्चे की मौत में पुलिस की जो लापरवाही है, उसकी भी जांच होगी। अजीत कुमार सिन्हा कहते हैं कि बच्चे के साथ जिस तरह की दरिंदगी की गई है, उससे हत्यारों के बच्चों को लेकर नफरत दिखती है, यह नफरत क्यों थी? यह हत्यारों को पकड़ने के बाद ही पता चलेगा। एसपी अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि मेरा भी दिल बच्चे के साथ हुई बेरहमी से कांप उठा है। कानपुर आउटर पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है क्योंकि परिजनों का कहना है कि बच्चा सोमवार से लापता था तो वह चौकी गए थे और थाने भी गए थे, लेकिन दोनों जगह पुलिस ने तुरंत कार्रवाई न करके, दूसरे दिन आने को बोल दिया जबकि अगले दिन बच्चे की लाश मिल गई। फिलहाल बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

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