लखनऊ विश्वविद्यालय में एबीवीपी और आइसा छात्र संगठन में जमकर विवाद देखा गया। रोहित वेमुला की पुण्यतिथि मनाने के कार्यक्रम को लेकर छात्र गुटों में हंगामा है। मौके पर पहुंची पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। 

लखनऊ: विश्वविद्यालय में रोहित वेमुला की पुण्यतिथि मनाने को लेकर वामपंथी छात्र संगठन और एबीवीपी के कार्यकर्ता आमने-सामने आए गए। इस बीच छात्रों के बीच जमकर विवाद हुई। धक्कामुक्की के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में जय श्री राम के नारे लगाए गए। विश्वविद्यालय में हुई इस घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को भी काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। 

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बिना अनुमति के कार्यक्रम करने का लगा आरोप 
विवाद के बीच बीच-बचाव के लिए आए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों और पुलिसकर्मियों से भी धक्का-मुक्की की गई। मामले को लेकर एबीवीपी के छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में बिना अनुमति के कार्यक्रम हो रहा था। उनका कहना था कि लखनऊ विश्वविद्यालय को जेएनयू नहीं बनने दिया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार रोहित वेमुला की पुण्यतिथि पर आइसा और एनएसयूआई छात्र कार्यक्रम का आयोजन कर रहे थे। इसी का विरोध एबीवीपी के द्वारा किया गया। जिसके बाद नारेबाजी और विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। 

कार्यक्रम को लेकर बांटे गए थे पर्चे
ज्ञात हो कि आइसा की लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई के द्वारा तेलंगाना के छात्र रोहित वेमुला की सातवीं पुण्यतिथि के मौके पर 17 जनवरी को टैगोर लॉन में कार्यक्रम का अयोजन किया जाना था। इस कार्यक्रम में बीते दिनों काशी विश्वनाथ मंदिर पर विवादित टिप्पणी करने वाले हिंदी विभाग के प्रो. रविकांत वक्ता के तौर पर आमंत्रित थे। इस बीच 'शिक्षण संस्थानों में सामाजिक भेदभाव, हिंसा और राजनीति विच हंट' विषय पर होने वाले कार्यक्रम को लेकर पर्चे भी बांटे गए थे। इसी कार्यक्रम को लेकर हंगामा हुआ और मौके पर पहुंची पुलिस को भी कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा। आइसा उपाध्यक्ष निखिल का कहना है कि विश्वविद्यालय के कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली गई थी। वहीं चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी ने आइसा संयोजक अंजलि और सह-संयोजक समर के खिलाफ नोटिस जारी कर दी। 

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