पुलिस की रोक टोक से बचने के लिए महिला ने अपनी बच्ची व भाइयों के साथ खेत मेड़ से होते हुए 900 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय किया। सभी लोग रात अपने घर पहुंचे। घर पर एक साथ सभी को देख उनके परिजनों की आंखें भर आईं। 

लखनऊ (Uttar Pradesh) । लॉकडाउन के कारण लोगों के सामने मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में लोग जान जोखिम में डालकर घर आ रहे हैं। ताजा मामला सामने आया है जगदीशपुर में। जहां एक महिला अपनी तीन वर्षीय बच्ची व तीन भाइयों के साथ 900 किलोमीटर पैदल यात्रा कर गांव पहुंची। बड़ी बात तो यह कि महिला पुलिस से बचने के लिए खेतों की मेड़ से होते हुए घर तक पहुंचे तो देखकर परिवार वाले रो पड़े। वहीं, सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए उन्हें होम क्वारंटीन करवा दिया है।

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इंदौर में फंसी थी महिला
जगदीशपुर थाने के गांव बड़ौली निवासी अस्तुल निशा लॉकडाउन के दौरान इंदौर में फंस गई थी। अस्तुल निशा के साथ उसका सगा भाई सुलेमान व दो चचेरे भाई इकराम व सद्दाम भी इंदौर में फंसे थे।
 लॉकडाउन के दौरान कुछ दिन तक किसी तरह गुजारा करने के बाद अस्तुल निशा अपनी तीन साल की बच्ची व तीनों भाइयों के साथ पैदल घर के लिए निकल पड़ी। 

इस तरह पहुंची घर
पुलिस की रोक टोक से बचने के लिए महिला ने अपनी बच्ची व भाइयों के साथ खेत मेड़ से होते हुए 900 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय किया। सभी लोग रात अपने घर पहुंचे। घर पर एक साथ सभी को देख उनके परिजनों की आंखें भर आईं।

सभी किए गए क्वारंटाइन
सुबह मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार मुसाफिरखाना पल्लवी सिंह गांव पहुंचीं। अपने सामने सभी को सीएचसी ले जाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। परीक्षण में महिला व मासूम के साथ तीनों युवक फिलहाल स्वस्थ पाए गए। तहसीलदार पल्लवी सिंह ने महिला व युवकों को मास्क, सैनिटाइजर व राशन किट देकर होम क्वारंटीन कराया।