सांसद लल्लू सिंह ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि हजारों करोड़ की परियाजनाओं में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बिल्कुल न के बराबर है। जनप्रतिनिधि चाहकर भी इसमें अपने सुझाव नहीं दे पाते हैं। 

अनुराग शुक्ला
अयोध्या:
राम मंदिर के फैसले के बाद से अयोध्या में केंद्र व प्रदेश सरकार ने पर्यटन विकास की हजारों करोड़ की योजनाएं प्रस्तावित कर रखी है। इनमें दर्जनों योजनाएं निर्माणाधीन है ,तो शेष अभी पाइप लाइन में है। जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक में सांसद लल्लू सिंह ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि हजारों करोड़ की परियोजनाओं में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी नगण्य है। जिला प्रशासन के माध्यम से भेजी जाने वाली योजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों को नहीं जाती है। जिसके कारण वह चाह कर भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव नहीं दे पाते। अपनी नाराजगी को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा भविष्य में शासन की योजनाओं को प्रेषित करने के पहले उनका प्रेजेंटेशन जनप्रतिनिधियों के समक्ष किया जाना आवश्यक हो ये सुनिश्चित किया जाए। जिससे प्रोजेक्ट को और सुंदर एवं भव्य बनाने में जनप्रतिनिधि अपना अहम सुझाव दे सकें। उन्होंने कहा राम नगरी के धार्मिक, सांस्कृतिक , पौराणिक और श्रद्धा से जुड़े स्थलों का निर्माण उसी के अनुरूप होना आवश्यक है।

सूर्य कुंड पर बने सात घोड़े पर सवार सूर्य देवता का मॉडल और भरत कुंड दिखे तपो भूमि
सांसद लल्लू सिंह ने अधिकारियों को सुझाव देते हुए कहा कि दर्शननगर स्थित सूर्यकुण्ड को भव्यता प्रदान करने के लिए सूर्यकुण्ड में सात घोड़े वाले रथ पर सवार सूर्य देवता के मॉडल बनाया जाय। इससे एक आकर्षण पैदा होगा। इसी प्रकार नन्दीग्राम स्थित भरतकुण्ड को भी पौराणिक संदर्भ को दृष्टिगत रखते हुए विकास किया जाय। जैसे उस स्थल पर भरत जी ने तपस्या की थी। उसे तपोभूमि के रूप में विकसित किया जाय। जिससे लोग संस्कार स्थल के रूप में भी इसे याद करें। उन्होंने कहा भरत जी योगी थे, तो उस स्थल पर एक भव्य कुटिया, हवनकुण्ड और भरत जी के योगी के रूप में दिखाया जाय ।जिससे आने वाले श्रद्वालुओं को भरत जी के त्याग एवं भातृ प्रेम का स्मरण होगा। बैठक में राम की पैड़ी के दर्शक दीर्घा के निर्माण, गुप्तारघाट से झुनकी घाट तक जगह -जगह पार्क के डेवलपमेंट, कम्पनी गार्डेन में स्थित उद्यान के घाट के आगे और जमथरा के मध्य डेढ़ किलोमीटर का गैप है। उसे भी घाट के रूप में जोड़ा जाए। इस प्रकार के कई सुझाव सांसद द्वारा अधिकारियों को दिए गए।

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67 करोड़ की लागत से अयोध्या के राजमार्गों पर बनेगा 6 प्रवेश द्वार
अयोध्या के राजमार्गो पर 6 प्रवेश द्वार का निर्माण होना है। इसके लिए शासन से 67 करोड़ रूपये की स्वीकृति मिल गई है। जिसके सापेक्ष 25 करोड़ रूपया अवमुक्त भी किया जा चुका है। अब इस धनराशि से भूमि क्रय किया जाना है। डीएम नितीश कुमार ने बताया कि अफीम कोठी के पुराने स्वरूप को बरकरार रखते हुए। उस स्थल को सौन्दर्यीकरण के साथ उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना है। बैठक में अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने सुझाव दिया कि राम लीला को नवनिर्मित भजन संध्या स्थल कराया जाए। जिसे सर्वसम्मति से पारित करते हुये संस्कृति विभाग को एक सप्ताह के अंदर सम्पूर्ण व्यवस्था के साथ भजन संध्या स्थल पर रामलीला कराने के निर्देश जारी किये गये है।

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