मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान फ़रियाद लेकर आए एक युवक को गिरफ्तार कराने का आदेश दे दिया। मुख्यमंत्री के तेवर देखते ही वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। दरअसल गिरफ्तार किया गया युवक पाक्सो एक्ट का आरोपी था। संयोगवश पीड़ित नाबालिग बच्चियां भी उसी जनता दर्शन में मौजूद थीं। उन्होंने CM से हकीकत बताई तो तो वह नाराज हो गए। उन्होने तुरंत SSP को युवक को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। 

गोरखपुर(Uttar Pradesh ). मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान फ़रियाद लेकर आए एक युवक को गिरफ्तार कराने का आदेश दे दिया। मुख्यमंत्री के तेवर देखते ही वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। दरअसल गिरफ्तार किया गया युवक पाक्सो एक्ट का आरोपी था। संयोगवश पीड़ित नाबालिग बच्चियां भी उसी जनता दर्शन में मौजूद थीं। उन्होंने CM से हकीकत बताई तो वह नाराज हो गए। उन्होने तुरंत SSP को युवक को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। 

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बता दें कि बुधवार को CM योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में जनता की समस्याएं सुन रहे थे। उसी दौरान वहां मौजूद एक युवक ने CM से गुलिरहा थाने की पुलिस की शिकायत लेकर पहुंचा था। उसने जैसे ही CM से इसकी शिकायत की उसी दौरान वहां मौजूद दो नाबालिग बच्चियों ने CM योगी के सामने रोते हुए शिकायत करने वाले युवक की करतूत बताई। युवक की करतूत सुनने के बाद CM ने SSP से इसकी पुष्टि की और उसके बाद युवक को गिरफ्तार करने का आदेश दे दिया। 

फरियादी युवक पर दर्ज था पाक्सो एक्ट का मुकदमा 
मुख्यमंत्री गुरुवार की सुबह नियमित दिनचर्या के बाद सात बजे जनता दर्शन में लोगों की फरियाद सुनने के लिए गोरखनाथ मंदिर के हिंदू सेवाश्रम पहुंचे। फरियाद सुनते हुए मुख्यमंत्री सराय गुलरिहा के रहने वाले रामनारायण गुप्ता तक पहुंचे। रामनारायण ने मुख्यमंत्री को बताया कि गुलरिहा पुलिस उसे परेशान कर रही है। तभी पास में बैठीं राम नारायण से पीडि़त दो नाबालिक अनाथ बच्चियों ने बताया कि रामनारायण उन्हें परेशान करता है। उसने उनका मकान धोखे से रजिस्ट्री करा लिया है, जिसकी वजह से उनके पास रहने के लिए आशियाना तक नहीं है। मामले की तस्दीक के लिए CM ने तुरंत SSP से इसकी जानकारी ली। SSP ने बच्चियों की बात को सही बताया साथ ही बताया कि रामनरायण पाक्सो एक्ट का आरोपी भी है। जिसके बाद CM का पारा चढ़ गया उन्होंने तुरंत पुलिस से उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया। 

अनाथ बच्चियों को बाल संरक्षण गृह भेजने का आदेश 
बच्चियों ने बताया कि उनके माता-पिता नहीं हैं। उनके पास रहने के लिए घर भी नहीं है। जिसके बाद CM ने तुरंत जिलाधिकारी गोरखपुर को अनाथ बच्चियों को बाल संरक्षण गृह भेजने का आदेश देते हुए सभी जरूरी इंतजाम करने को कहा।