काशी विश्‍वनाथ मंदिर इतिहास में पहली बार बाबा के भक्‍तों के लिए बंद किया गया है, जबकि संकट मोचन मंदिर सहित सारनाथ के बौद्ध मंदिरों और कई अन्‍य पौराणिक और ऐतिहासिक महत्‍ता के मंदिरों में भक्‍तों के लिए पट बंद किए जा चुके हैं। 

वाराणसी (Uttar Pradesh)। कोरोना वायरस के खिलाफ एकजुट हुए लोगों से देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी खुश हैं। उन्होंने ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जनता कर्फ्यू का फीडबैक लिया है। वाराणसी में कोरोना के संक्रमण से बचाव और काशीवासियों की सुरक्षा व्यवस्था के साथ अब तक किए गए कार्यों की भी जानकारी ली। पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी ने जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा से जानकारी लेकर पीएम मोदी को अवगत कराया है। इसी तरह पीएम ने अपने पार्टी के कुछ नेताओं से भी फोनकर जनता कर्फ्यू का फीडबेक लिया। उन्होंने नेताओं से तीन सवाल पूछे। 

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पीएम ने पूछे ये तीन सवाल
पहला की जनता कर्फ्यू को लेकर लोगों में रिएक्शन क्या है?
क्या इसे और बढ़ाया जा सकता है और इसके लिए तैयार हैं?
जिला प्रशासन का रवैया जनता कर्फ्यू को लेकर कैसा है?

मंदिरों के पट बंद
काशी विश्‍वनाथ मंदिर इतिहास में पहली बार बाबा के भक्‍तों के लिए बंद किया गया है, जबकि संकट मोचन मंदिर सहित सारनाथ के बौद्ध मंदिरों और कई अन्‍य पौराणिक और ऐतिहासिक महत्‍ता के मंदिरों में भक्‍तों के लिए पट बंद किए जा चुके हैं।

मोक्ष नगरी में शवदाह
मोक्ष नगरी काशी में शवदाह को लेकर भी चिंता बनी हुई है। हरिश्चंद्र घाट पर रविवार दोपहर एक बजे तक दो शवों का ही दाह हो सका था जबकि एक तीसरा शव कतार में था। सीएनजी शवदाह गृह बंद कर दिया गया है।

विदेश से आया युवक कोरोना पॉजिटिव 
फूलपुर गांव में विदेश से आए युवक को कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए जाने के बाद से ही सतर्कता बरती जा रही है। गांव में परिजनों और संपर्क में आए लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि अधिक लोगों में प्रसार को रोका जा सके। विभिन्‍न अस्‍पतालों में इलाज के साथ ही चिकित्‍सीय सुविधा को व्‍यवस्थित करने के लिए प्रशासन ने मोर्चा संभाल रखा है।