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PM मोदी ने UP वालों को दिया चैलेंजिंग टास्क, बोले- ऐसा करने से मैं क्या, भगवान राम भी खुश होंगे...

देश की आजादी का ये 75वें साल का है। इसे अमृत महोत्सव के तौर पर मनाया जा रहा है। मंगलवार को PM Narendra Modi ने लखनऊ में तीन दिवसीय राष्ट्रीय 'न्यू अर्बन इंडिया कॉन्क्लेव' का शुरुआत की। साथ ही, 4737 करोड़ की 75 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी कर दिया। यूपी को 75 परियोजनाओं की सौगात भी दी।

PM Narendra Modi will inaugurate national New Urban India Conclave in Lucknow latest News Live And Updates
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Lucknow, First Published Oct 5, 2021, 8:33 AM IST
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लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) मंगलवार को लखनऊ में न्यू अर्बन इंडिया कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने पहुंचे। उन्होंने यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में  तीन दिवसीय कॉन्क्लेव की शुरुआत की। इसके अलावा, आवास योजना (शहरी) के तहत 75 हजार लाभार्थियों को उनके घरों की चाभी सौंपी। पीएम ने जनपद लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, झांसी, प्रयागराज, गाजियाबाद और वाराणसी के लिए 75 स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों का फ्लैग ऑफ किया। अब वह 4737 करोड़ की 75 परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखेंगे। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- यूपी आया हूं तो कुछ होमवर्क देने का मन करता है। इस बार दिवाली पर अयोध्या में कहते हैं कि 7.5 लाख दीये का कार्यक्रम है। मैं यूपी को कहता हूं कि रोशनी की स्पर्धा में मैदान में आएं। देखें कि अयोध्या में ज्यादा दीये जलते हैं या फिर 9 लाख लाभार्थी मिलकर 18 लाख दीये जला सकते हैं। इससे भगवान राम को खुशी होगी। इससे पहले मोदी ने 75 हजार बेघरों को घरों की चाभी सौंपी। ये सभी लोग यूपी के जिलों के हैं। ये सभी प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी हैं। मोदी ने वहां घर पाने वाले  कुछ लाभार्थियों से बात भी की। एक लाभार्थी से बात करते हुए मोदी ने इस बात की खुशी जाहिर की कि उनकी यह दिवाली नए और अपने घर में मनेगी।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा...

  • गुजरात में रहने के दौरान सुनने को मिलता था कि लखनऊ में कहते हैं 'पहले आप', अब तकनीक को भी हमें 'पहले आप' कहना होगा। तकनीक से घर तेजी से बनते हैं। तकनीक को अपनाना ही होगा। पहले डिजिटल लेन-देन का मजाक उड़ाया जाता था, लेकिन अब इसका खूब इस्तेमाल हो रहा है।
  • यूपी भगवान कृष्ण, भगवान राम की भूमि है। इसे समृद्ध बनाना हमारा संकल्प है। पिछली सरकारों पर हमला बोला। कहा- पहले यहां बिजली सियासत का टूल थी, पहले यहां सड़क सिफारिश पर बनती थी।
  • आज पहली बार मैं ऐसी बात बताना चाहता हूं, जिसके बाद बड़े-बड़े विरोधी जो दिनरात हमारा विरोध करने में ही अपनी ऊर्जा खपाते हैं, वो मेरा ये भाषण सुनने के बाद टूट पड़ने वाले हैं।
  • ‘गरीबों के लिए घर बनवाओ’ इसके लिए हमें जो यूपी सरकार में थे, उनसे मिन्नतें करनी पड़ी थीं। आज भारत मेट्रो सेवा का देश भर के बड़े शहरों में तेजी से विस्तार कर रहा है।
  • 2014 में जहां 250 किमी से कम रुट पर मेट्रो चलती थी, वहीं अब 750 किमी में मेट्रो दौड़ रही है और मुझे आज अफसर बता रहे थे कि 1,050 किमी पर काम चल रहा है। UP के भी 6 शहरों में आज मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हो रहा है।
  • 100 से ज्यादा शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का लक्ष्य या फिर उड़ान योजना, ये भी शहरी विकास को गति दे रहे हैं।
  • सरकारी योजनाओं में महिलाओं को छूट देने वाले निर्णय पर पीएम ने कहा- किसी भी परिवार को देखेंगे कि ज्यादातर चीजें पति के नाम पर होती हैं। पति नहीं रहते तो बेटे के नाम पर। महिला के नाम कुछ नहीं होता है। इसलिए संतुलन बनाना जरूरी है। सरकार जो आवास देगी उसका मालिकाना हक महिला को दिया जाएगा ये फैसला लिया गया।
  • पिछली सरकारों में ये नियम नहीं था कि मकानों का साइज क्या होगा? हमारी सरकार ने स्पष्ट नीति बनाई। अब 22 स्कॉयर फीट से छोटा कोई घर नहीं बनता। मकान का पैसा सीधा लाभार्थी के खाते में जाता है। पीएम आवास योजना- शहरी के तहत केंद्र सरकार ने करीब 1 लाख करोड़ रुपए बैंक खाते में भेजे हैं।
  • पहले के सरकारी आवास मिलने में लंबा वक्त लगता था, जो मिलते थे वे साइज में छोटे होते थे, मैटेरियल खराब की शिकायत मिलती थी। 2014 के बाद स्थिति बदलनी शुरू हुई। पुरानी सरकार ने 13 लाख आवास मंजूर किए, 8 लाख ही बनाए गए थे।
  • 2014 के बाद भाजपा सरकार ने पीएम आवास के तहत  1 करोड़ 13 लाख मकान बनाने की मंजूरी दी। इनमें से 50 लाख घर लोगों को सौंपे भी जा चुके हैं। ईंट-पत्थर से इमारत बन सकती है, उसे घर नहीं कह सकते। पिछली सरकारों में यूपी में आवास योजना - शहरी का काम ठीक से नहीं होता था। तब 18 हजार घरों की मंजूरी के बावजूद 18 घर भी नहीं बने थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में आवास योजना - शहरी में 9 लाख घर बनाकर दिए गए हैं। जबकि 14 लाख घर निर्माण के अलग-अलग चरणों में हैं।
  • इस देश में लगभग 25-30 करोड़ परिवार हैं। पीएम आवास योजना के तहत 3 करोड़ परिवार लखपति बन गए हैं। इसका अंदाज पक्के घरों की कीमत लगाकर किया जा सकता है।


घर दे दिया, मेहमान आते होंगे... महिला बोली- आप भी आईए
पीएम मोदी ने आवास लाभार्थी से बात की और पूछा कि अब जब नया घर मिल गया है तो रिश्तेदारों का भी ज्यादा आना जाना होता होगा, खर्चा भी ज्यादा हो जाता होगा। इस पर लाभार्थी ने मुस्कुराकर जवाब दिया कि हां रिश्तेदार पहले के मुकाबले ज्यादा आते हैं। मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि खर्चा ज्यादा होने पर पीएम पर आरोप लग सकते हैं कि उन्होंने घर दे दिया इसलिए गरीब का खर्चा बढ़ गया।

दूसरी लाभार्थी से मोदी ने पूछा कि सरकारी योजना उज्ज्वला के तहत उनको गैस मिली है तो वह अब गैस चूल्हे पर क्या पकाती हैं। इस पर लाभार्थी ने कहा कि वह आलू बनाती हैं। पीएम ने फिर पूछा कि उनके बच्चे तो बड़े हैं। क्या सिर्फ रोज आलू ही बनता है? पीएम ने आगे मजाक में कहा- 'बता दीजिए मैं नहीं खाने नहीं आऊंगा।' इस पर लाभार्थी ने मुस्कुराकर कहा कि पीएम आप घर जरूर आइयेगा, अच्छा लगेगा।

योगी बोले- यूपी अपनी से आगे बढ़ रहा है...
अर्बन कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी ने पिछले कुछ सालों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। योगी ने यह भी बताया कि यूपी में कोरोना वैक्सीन की 11 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी हैं। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में कुल 654 नगर निकाय थे, आज इनकी संख्या बढ़कर 734 हुई है। गति लगातार आगे बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव में हमारे सामने शहरी विकास के नए-नए आयाम आएंगे और पूरे देश में ट्रांसफॉर्मेशन में अपना योगदान देंगे।

2030 तक शहरी आबादी 60 करोड़ होने वाली है
अर्बन कॉन्क्लेव कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 1947 में आजादी के वक्त हमारे शहरों की आबादी लगभग 6 करोड़ थी। 2030 में ये आबादी 60 करोड़ होने जा रही है। मुझे विश्वास है कि 2030 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए हमारी केंद्रीय योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मोदी ने निर्माण कार्यों से जुड़ी प्रदर्शन देखी
सुबह मोदी ने विकास योजनाओं के संबंध में जानकारी ली थी और 110 तरह की आवासीय और व्यवसायिक निर्माण से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, शहरी आवास योजना, स्मार्ट सिटी से जुड़ी नई बिल्डिंग तकनीक को शामिल किया गया है।

इन योजनाओं की सौगात देंगी पीएम
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री यहां स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 1537.02 करोड़ की 15 परियोजनाओं का लोकार्पण और 1256.22 करोड़ की 30 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसी तरह अमृत योजना के तहत 502.24 करोड़ की 17 पेयजल परियोजनाओं का लोकार्पण और 1441.70 करोड़ की 13 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। 

काशी की सफाई पर निगरानी रखने के लिए लॉन्च होगा खास...
पीएम के हाथों लांच होने वाली योजनाओं में सबसे खास- स्वच्छ काशी अभियान के तहत तैयार एक ऐप की शुरुआत कराई जाएगी। इसके तहत मोदी अपने संसदीय क्षेत्र में कूड़ा उठान की व्यवस्था को खुद चेक भी करेंगे। इसके अलावा, कार्यक्रम में प्रधानमंत्री करोड़ों की सौगात देने वाले हैं।  न्यू अर्बन इंडिया कॉन्क्लेव कार्यक्रम में तीन दिन तक विशेषज्ञों के साथ ये विचार-विमर्श होगा कि शहरी सुविधाओं को और कैसे बेहतर बनाया जाए। इसमें आने वाले सुझावों के आधार पर आगे की दिशा में काम किया जाएगा। ये कार्यक्रम केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय और यूपी के नगर विकास मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

 

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जानिए प्रधानमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम...

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब 11 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। 
  • 11.15 बजे से प्रदर्शनी का अवलोकन किया और गणमान्य लोगों से बातचीत की। 
  • 11.30 से 11.50 शहरी मिशन की उपलब्धियों पर फिल्म देखी। 
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के 75000 पात्रों को वर्चुअली उनके घर की चाभी सौंपी।
  • मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पांच लाभार्थियों से बातचीत की भी।
  • शहरी विकास के 75 बेहतरीन कामों पर काफी टेबल बुक जारी किया।
  • शहरी विकास के 75 कामों का शिलान्यास और लोकर्पण।
  • 150 इलेक्ट्रिक सिटी बसों को हरी झंडी दिखाई।
  • इसके बाद प्रधानमंत्री का उद्घाटन सत्र को संबोधन।

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इन शहरों को मिलेंगी इलेक्ट्रिक बसें
जनपद लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, झांसी, प्रयागराज, गाजियाबाद और वाराणसी को शुरुआत में 75 इलेक्ट्रिक बसें दी गई। पीएम ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया। इसके अलावा, स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत आगरा, अलीगढ़, बरेली, झांसी, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, सहारनपुर, मुरादाबाद और अयोध्या में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम परियोजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने एक्सपो में लगाई जा रही तीन प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। 

कार्यक्रम में दिखने को मिली CM योगी के संघर्षों की झलक...
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश को करीब 4800 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उसके बाद मंच पर इंसेफेलाइटिस नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संघर्ष को भी दिखाया गया। सांसद से सीएम तक के सफर में योगी का सफल संघर्ष जीवंत देखने को मिला। ये डॉक्यूमेंट्री वीडियो गोरखपुर नगर निगम की तरफ से बनवाई गई थी। इसमें इंसेफेलाइटिस की शुरुआत, चरम और अब नियंत्रण को समाहित किया गया है। डॉक्यूमेंट्री में यह दर्शाया है कि योगी सरकार ने किन उपायों से बच्चों की मौत का पर्याय रही इंसेफेलाइटिस पर काबू पाया है। 

इंसेफेलाइटिस से हर साल मारे जाते थे 1500 मासूम बच्चे
दरअसल, पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस की दस्तक 1977-78 में हुई थी। हर साल इसकी चपेट में इलाके के 1200-1500 मासूमों की जान जाती थी। 1998 में पहली बार सांसद चुने जाने के बाद से मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बनने तक योगी आदित्यनाथ इस बीमारी के खिलाफ मोर्चा संभाले रहे। सदन में आवाज उठाई। उपाय किए और खुद जेठ की तपती दोपहर में सड़कों पर उतरकर व्यवस्थाएं देखने के लिए पहुंचे।

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