यूपी के नोएडा में कक्षा आठ तक के स्कूलों को ऑनलाइन संचालित करने का फैसला लिया गया है। बढ़ते वायु प्रदूषण और खराब होगी हवा की गुणवत्ता के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। 

नोएडा: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के चलते प्रशासन ने फैसला लिया है कि शुक्रवार से कक्षा 1 से 8 तक के बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे। इसी के साथ नौंवी से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं समान्य रूप से चलेंगी। प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में बताया गया कि गौतमबुद्धनगर जिले में यह स्थिति 8 नवंबर तक जारी रहेगी। इसी कड़ी में सभी प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर सुझाव दिया गया है कि यथा संभव हो तो कक्षा 9 से 12 वीं तक की कक्षाएं भी ऑनलाइन संचालित हों। इनकी आउटडोर गतिविधियों पर भी रोक लगाई जाए। 

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आपात बैठक के बाद लागू किए गए नियम
गौरतलब है कि बुधवार को देर शाम नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने अलग-अलग विभागों की आपात बैठक बुलाई। इस दौरान अधिकारियों को प्रदूषण से निपटने के सख्त निर्देश दिए गए। प्राधिकरण ने सभी वर्क सर्किल प्रभारियों को हॉट मिक्स प्लांट, आरएमसी प्लांट और स्टोन क्रशर बंद करने का भी निर्देश दिया। इसी के साथ लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए 5 हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल के सभी निर्माण स्थलों पर एंटी स्मॉग गन, 5 से 10 हजार वर्गमीटर की साइट पर 2 एंटी स्मॉग गन संचालन का नियम भी लागू किया।

दमघोंटू हवा से सांस लेने में भी हुई तकलीफ 
सीईओ ने ग्रैप लागू रहने तक किसी भी तरह के खनन कार्य पर सख्ती से रोक लागने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व को भी निर्देशित किया गया कि जिले में कोई भी खनन कार्य इस अवधि में संचालित न हो। इसी के साथ नोएडा-ग्रेनो के क्षेत्रीय अधिकारियों को बिना अनुमन्य ईंधन के संचालित औद्योगिक इकाइयों के संचालन रोकने का निर्देश भी किया गया। ज्ञात हो कि गुरुवार शाम सात बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया। इस बीच दमघोंटू हवा से लोगों को सांस लेने में तकलीफ के साथ गले और आंखों में जलन महसूस होने लगी। 

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