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मैनपुरी के गढ़ को बचाने में जुटा सैफई परिवार, अखिलेश यादव को डरा रहे उपचुनाव के ये रिकॉर्ड

यूपी के मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में डिंपल यादव को जीत दिलाने के लिए पूरा सैफई परिवार एकजुट हो गया है। शिवपाल ने भी बहू डिंपल को जिताने की अपील की है। लेकिन इसके बाद भी लोकसभा उपचुनाव के रिकॉर्ड सपा अध्यक्ष के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं।

Saifai family engaged in saving citadel of Mainpuri these records of by elections are scaring Akhilesh Yadav
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First Published Nov 21, 2022, 2:15 PM IST

मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने पूरा जोर लगा दिया है। बता दें कि मुलायम सिंह की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का जिम्मा उनकी बहू डिंपल यादव ने लिया है। वहीं चाचा शिवपाल से लंबे समय तक चली नाराजगी को भी अखिलेश यादव ने दूर कर दिया। बता दें कि बहू डिंपल यादव को जिताने के लिए चाचा शिवपाल और भतीजा अखिलेश यादव के साथ पूरा सैफई परिवार एकजुट हो गया है। लेकिन इन सब के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए लोकसभा उपचुनाव के हार-जीत के रिकॉर्ड चिंता का कारण बने हुए हैं। वहीं समाजवादी पार्टी को उपचुनाव के दौरान अपने गढ़ रामपुर और आजमगढ़ में भी हार का सामना करना पड़ा था।

आजमगढ़ और रामपुर भी नहीं बचा पाए थे अखिलेश
आजमगढ़ में शिकस्त खाने वाले प्रत्याशी और कोई नहीं बल्कि अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद यादव थे। वहीं इससे पहले वर्ष 2009 में फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में डिंपल यादव को भी हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में डिंपल मैनपुरी का गढ़ बचा पाएंगी या नहीं ये तो समय ही बताएगा। बता दें कि आजमगढ़ में सपा नेता धर्मेंद्र यादव को निरहुआ ने हराया था। इसके अलावा रामपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी घनश्याम लोधी ने सपा प्रत्याशी आसिम रजा को शिकस्त दी थी। सपा अध्यक्ष के सीट छोड़ने के बाद वर्ष 2009 में पहली बार डिंपल यादव फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर उपचुनाव लड़ी थीं। 

डिंपल यादव को मिली थी हार
इस लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में डिंपल यादव को कांग्रेस नेता और अभिनेता राज बब्बर से हार मिली थी। बता दें कि डिंपल यादव को 84 हजार वोटों से शिकस्त मिली थी। वहीं वर्ष 2012 में अखिलेश यादव द्वारा सीट छोड़ने पर कन्नौज से डिंपल यादव निर्विरोध सांसद चुनी गई थीं। वहीं वर्ष 2014 में कन्नौज सीट पर डिंपल यादव ने एक बार फिर कब्जा जमाया था। इस दौरान उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी सुब्रत पाठक को हराया था। इस चुनाव में डिंपल य़ादव को 4,89,164 वोट मिले थे। इसके बाद साल 2019 में बीजेपी प्रत्याशी सुब्रत पाठक ने डिंपल यादव को 12353 वोटों से शिकस्त दी थी। इसके बाद सपा ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को हरा कर जीत दर्ज की थी। सीएम योगी और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य दोनों की सीटों पर सपा ने जीत हासिल की थी। 

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