शाहरुख का पिता साबिर राणा अपाहिज है और पंजाब से हेरोइन जैसे ड्रग्स की तस्करी कर दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सप्लाई करता था। वो विभिन्न आरोपों में करीब तीन दशक तक पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद रहा है। ड्रग्स की तस्करी में शाहरुख की मां भी अपने पति साबिर राणा का साथ देती थी।

लखनऊ (Uttar Pradesh)। उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान 24 फरवरी को सरेआम फायरिंग और पुलिसकर्मी दीपक दहिया पर पिस्टल तानने वाला शाहरूख शामली से गिरफ्तार कर लिया गया है। वो मूलरूप से पंजाब का रहने वाला है और कई सालों से घोंडा के अरविंद नगर (दिल्ली) में अपने परिवार के साथ रहता था। उसका पिता साबिर राणा अपाहिज है और पंजाब से हेरोइन जैसे ड्रग्स की तस्करी कर दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सप्लाई करता था। उसके यूपी में बरेली, शामली, रामपुर, मुजफ्फरनगर व कैराना में मादक पदार्थों की बिक्री करने वालों से अच्छे संबंध हैं, जिसके कारण छिपने के लिए वो यहां आया था।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पिता करता था ड्रग्स तस्करी, मां करती थी मदद
शाहरुख का पिता साबिर राणा अपाहिज है और पंजाब से हेरोइन जैसे ड्रग्स की तस्करी कर दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सप्लाई करता था। वो विभिन्न आरोपों में करीब तीन दशक तक पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद रहा है। ड्रग्स की तस्करी में शाहरुख की मां भी अपने पति साबिर राणा का साथ देती थी।

इसलिए यहां सेफ समझ रहा था शाहरूख
शाहरुख के पिता साबिर राणा के ड्रग्स माफिया से बहुत अच्छे संबंध हैं। इसलिए शाहरुख गया था, क्योंकि बरेली व रामपुर के बीच कई ऐसे कस्बे हैं जो देश में ड्रग्स का सबसे बड़ा अड्डा माने जाते हैं। ड्रग्स की सभी बड़ी डील वहीं से होती हैं। इसलिए ड्रग्स तस्कर उन इलाकों में 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। पुलिस की गाड़ी उन इलाकों में जाते ही तस्कर और अलर्ट हो जाते हैं। वहां से किसी को पकड़ पाना बहुत मुश्किल होता है। इतना ही नहीं शाहरुख के कुछ रिश्तेदार मुजफ्फरनगर व कैराना में भी रहते हैं।

इस तरह सुर्खियों में आया शाहरूख
24 फरवरी को मौजपुर चौक के पास दंगे हुए थे। दोनों तरफ की सड़कों पर आमने-सामने दो समुदाय के लोग एक दूसरे पर जमकर पथराव किया था और गोलियां चलाई थी। इसी दौरान शाहरुख ने हेड कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्टल तान दी थी। हालांकि, पिस्टल की सभी सात गोलियां वह पहले ही दाग चुका था। इसकी वजह से दीपक की जान बच गई।