मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में नागरिकों की समस्याएं सुनीं। हापुड़ के सैनिकों की जमीन पर कब्जे की शिकायत पर जांच के आदेश दिए। इलाज के लिए आर्थिक सहायता का भरोसा दिलाया और बच्चों को पढ़ाई व अनुशासन की सीख दी।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी सोमवार को ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में आम नागरिकों से सीधे संवाद किया। मुख्यमंत्री ने यहां आए प्रत्येक व्यक्ति से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों की सेवा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हापुड़ के सैनिकों की जमीन पर कब्जे की शिकायत पर सख्त निर्देश

जनता दर्शन में हापुड़ से आए दो सैनिकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। एक सैनिक ने बताया कि वह और उसका भाई दोनों सेना में देश की सेवा कर रहे हैं। उनके पिता नेत्रहीन हैं और पारिवारिक जमीन पर ताऊ के बेटों ने कब्जा कर लिया है, जिनकी आपराधिक छवि भी है। सैनिक ने यह भी बताया कि कब्जाधारी हथियारों के बल पर धमकी देते हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रार्थना पत्र लेते हुए हापुड़ प्रशासन को तत्काल जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इलाज के लिए आर्थिक सहायता पर मुख्यमंत्री का भरोसा

जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि हॉस्पिटल से इलाज का एस्टिमेट बनवाकर दें, सरकार इलाज में हरसंभव सहायता करेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा कि मरीज के स्वास्थ्य की चिंता आप करें, इलाज की जिम्मेदारी सरकार निभाएगी। इसके साथ ही बिजली, नगर निगम, राजस्व विभाग से जुड़े कई मामलों पर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।

अपराधियों पर सख्ती और कानून व्यवस्था पर फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराधियों के खिलाफ लगातार और सख्त कार्रवाई जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

बच्चों को दुलार के साथ दी पढ़ाई और अनुशासन की सीख

‘जनता दर्शन’ में अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुख्यमंत्री ने आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और उन्हें मन लगाकर पढ़ने और मोबाइल से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने बच्चों को स्नेहपूर्वक चॉकलेट भी दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।