यूपी के कानपुर में गर्ल्स हॉस्टल के एमएमएस कांड मामले पर शासन ने गंभीरता दिखाते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। यह टीम हर महीने शहर के सारे हॉस्टलों का निरीक्षण कर छात्राओं से संवाद करेगी। हॉस्टलों में पैनिक बटन अलार्म भी लगाया जाएगा।

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित साईं निवास गर्ल्स हॉस्टल के एमएमएस कांड मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। शासन के निर्देश के बाद पुलिस आयुक्त बीपी जोगदण्ड ने शहर में स्थित सभी गर्ल्स हॉस्टलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है। इसका नोडल अधिकारी एडिशनल डीसीपी दक्षिण अंकिता शर्मा को बनाया गया है। वहीं एसआईटी में महिला थाना प्रभारी और उनकी टीम भी शामिल रहेगी। बता दें कि साईं गर्ल्स हॉस्टल के सफाई कर्मचारी ने एक छात्रा का नहाते हुए वीडियो बनाया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

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गर्ल्स हॉस्टलों को लेकर बनाए जा रहे नए नियम
पुलिस आयुक्त के अनुसार, एसआईटी शहर के सभी गर्ल्स हॉस्टलों में जाकर सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि गर्ल्स हॉस्टल में केवल महिला कर्मचारी को ही रखा जाए। इस दौरान हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों से संवाद करने के लिए हॉस्टल के नाम से अलग-अलग वाट्सएप ग्रुप बनाए जाएंगे। इस ग्रुप में छात्राएं भी अपनी परेशानियों को उनके सामने रख सकेंगी। वहीं छात्राओं के लिए नया हॉस्टल खोलने से पहले कई अहम बिंदुओं की जांच की जाएगी। पुलिस की अनुमति के बाद ही हॉस्टल खोला जा सकेगा। 

हॉस्टल के आसपास बेहजह घूमने वालों पर लिया जाएगा एक्शन
एसआईटी द्वारा छात्राओं के हॉस्टल का हर महीने निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान उनसे बातचीत कर हॉस्टल में मिलने वाली सुविधाओं और असुविधाओं के बारे में जानकारी ली जाएगी। बता दें कि सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने के लिए हॉस्टलों में पैनिक बटन अलार्म भी लगाया जाएगा। जिससे कि परेशानी के समय छात्राएं इस बटन को दबाकर टीम को अपनी परेशानी बते सकें। वहीं गर्ल्स हॉस्टल के आसपास गश्त की भी अलग से व्यवस्था की जाएगी और आसपास बिना मतलब के घूमने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। 

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