मुलायम सिंह के निधन के बाद खाली हुई मैनपुरी लोकसभा सीट से तेज प्रताप यादव को मैदान में उतारने की चर्चा जोरों पर है। वर्ष 2014 में तेज प्रताप यादव मैनपुरी से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। सपा के सामने अपने मजबूत किले को बचाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से सांसद रहे मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद उनकी सीट खाली हो गई है। ऐसे में चर्चाएं जोरों पर थीं कि आखिर समाजवादी पार्टी किस प्रत्याशी को इस सीट पर उतारेगी। संभावना जताई जा रही है कि सपा तेज प्रताप यादव को मैदान में उतार सकती है। बता दें कि इससे पहले भी तेज प्रताप यादव मैनपुरी से सांसद रह चुके हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेज प्रताप यादव को प्रत्याशी बनाए जाने पर समाजवादी पार्टी में सहमति देखने को मिल रही है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

मैनपुरी है सपा का मजबूत किला
नेताजी के निधन के बाद खाली हुई मैनपुरी लोकसभा सीट पर 6 महीने बाद उपचुनाव होने हैं। वहीं मैनपुरी को समाजवादी पार्टी का मजबूत किला माना जाता है। ऐसे में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने मैनपुरी लोकसभा सीट को बचाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसलिए समाजवादी पार्टी परिवार के ही किसी सदस्य को इस सीट से मैदान में उतारने के पक्ष में नजर आ रही है। बता दें कि इससे पहले अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और जसवंत नगर से विधायक शिवपाल यादव के नाम पर भी चर्चा हुई थी।

शिवपाल यादव को मनाने में जुटा परिवार
हालांकि सहमति तेज प्रताप यादव को लेकर बनती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि परिवार इस दौरान शिवपाल यादव को मनाने में जुटा हुआ है। वहीं बीते बुधवार को शिवपाल यादव ने कल्कि महोत्सव में शिरकत की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि वह अभी भी समाजवादी पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। सपा में जाने के सवाल पर चाचा शिवपाल ने कहा कि वह अभी इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं। बता दें कि वर्ष 2014 में मुलायम सिंह के बड़े भाई रतन सिंह यादव के पोते तेजप्रताप ने मैनपुरी से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। इस दौरान वह तीन लाख वोटों से जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। ऐसे में एक बार फिर सपा तेज प्रताप यादव पर बड़ा दांव खेल सकती है।

मैनपुरी: नवविवाहिता की धमकी ने उड़ाई ससुरालवालों की नींद, जानिए क्यों रातभर जागकर बहू की रखवाली को हुए मजबूर