देश में अब बहुचर्चित हो चुके हाथरस केस में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में केस की सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने खुद नोटिस लेकर यूपी के शीर्ष अफसरों समेत हाथरस के डीएम और एसपी को भी तलब किया। कोर्ट ने पीड़ित परिवार को भी बुलाया गया। 

लखनऊ. देश में अब बहुचर्चित हो चुके हाथरस केस में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में केस की सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने खुद नोटिस लेकर यूपी के शीर्ष अफसरों समेत हाथरस के डीएम और एसपी को भी तलब किया। कोर्ट ने पीड़ित परिवार को भी बुलाया गया।

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हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से वकील विनोद शाही ने पैरवी की। परिवार के हर सदस्य और गवाहों की सुरक्षा के लिए 2-2 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। परिवार की महिला सदस्यों के लिए महिला सुरक्षाकर्मी की तैनाती की गईं।

CBI ने टेकओवर किया केस 
हाथरस केस को शनिवार को सीबीआई ने टेकओवर कर लिया। इस बीच, सीबीआई ने रविवार को मुख्य आरोपी संदीप के खिलाफ धारा 307, 376 डी, 302, एससी/एसटी ऐक्ट की धारा 3 केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच लखनऊ यूनिट की गाजियाबाद की टीम करेगी। सीबीआई ने पुलिस से सभी दस्तावेज मांगे हैं। 3 अक्टूबर को सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने हाथरस में पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। इसके बाद सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी।

क्या है पूरा मामला?
हाथरस में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की लड़की के साथ गैंगरेप किया था। आरोपियों ने लड़की की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई। चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था।