मायावती विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद लखनऊ में ही रहकर लगातार संगठन विस्तार और इसके कामकाज की समीक्षा कर रही हैं। विधानसभा चुनाव में अपेक्षाकृत काम न करने वालों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है या फिर उन्हें हाशिये पर डाला जा रहा है। 

लखनऊ: आजमगढ़ और रामपुर में आए उपचुनाव के नतीजे के बाद से बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया। विपक्ष हार के कारणों को तलाशने के लिए समीक्षा बैठक कर रहा है। उपचुनाव में सपा को हार मिली है वहीं बीएसपी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। मायावती को अपनी जमीन मजबूत होते नजर आ रही है। इसी के चलते बसपा सुप्रीमो मायावती ने 30 जून को राष्ट्रीय और प्रदेश कमेटी की अहम बैठक बुलाई है। 

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बड़े चेहरो को बाहर का रस्ता दिखाए जाने की तैयारी
मायावती विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद लखनऊ में ही रहकर लगातार संगठन विस्तार और इसके कामकाज की समीक्षा कर रही हैं। विधानसभा चुनाव में अपेक्षाकृत काम न करने वालों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है या फिर उन्हें हाशिये पर डाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि अभी कुछ और बड़े लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।

कामकाज की होगी समीक्षा
30 जून को होने वाली बैठक काफी अहम मानी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि 30 जून की बैठक में जिम्मेदारों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी और राष्ट्रीय और प्रदेश कोआर्डिनेटरों से प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। इसके आधार पर आगे का फैसला किया जाएगा। 

मुस्लिम समुदाय के नेताओं को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी
प्रबुद्ध वर्ग सम्‍मेलन में अहम जिम्मेदारी निभाने वाले नकुल दुबे को गलत रिपोर्ट देने पर पार्टी से बाहर किया जा चुका है। प्रदेश कोआर्डिनेटरों के साथ मुख्य मंडल प्रभारियों को इसमें बुलाया गया है। मायावती मौजूदा समय कॉडर के नेताओं को अधिक महत्व दे रही हैं। इसके अलावा मुस्लिम समुदाय के नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंप रही हैं। बैठक में नवंबर में होने वाले निकाय चुनाव और मिशन-2024 की रणनीति पर भी चर्चा होगी।

2024 के संकल्प के साथ जारी रहे संघर्ष
बसपा प्रमुख मायावती ने ट्विट कर कहा कि बीएसपी के सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों तथा पार्टी प्रत्याशी श्री शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली आदि ने आज़मगढ़ लोकसभा उपचुनाव जिस संघर्ष व दिलेरी के साथ लड़ा है उसे आगे 2024 लोकसभा आमचुनाव तक जारी रखने के संकल्प के तहत चुनावी मुस्तैदी यथावत बनाये रखना भी ज़रूरी। 

मायावती ने अपने अगले ट्विट में कहा कि सिर्फ आज़मगढ़ ही नहीं बल्कि बीएसपी की पूरे यूपी में 2024 लोकसभा आमचुनाव के लिए ज़मीनी तैयारी को वोट में बदलने हेतु भी संघर्ष व प्रयास लगातार जारी रखना है। इस क्रम में एक समुदाय विशेष को आगे होने वाले सभी चुनावों में गुमराह होने से बचाना भी बहुत ज़रूरी। इधर आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में हार के बाद सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने बीएसपी को बीजेपी की बी टीम बताया।