यूपी कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राजबब्‍बर को दो साल की सजा सुनाई है एमपीएमएलए कोर्ट ने साढे आठ हजार का जुर्माना भी सुनाया गया। उन पर 1996 में एक मतदानकर्मी की पिटाई का आरोप। सजा तीन साल से कम है इसलिए जेल नहीं भेजा जाएगा, उन्‍हें बेल मिल जाएगी।

लखनऊ: यूपी कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को एमपी एमएलए कोर्ट ने दो साल की सज़ा सुनाई है। बता दें कि 2 मई 1996 में मतदान अधिकारी ने वजीरगंज में एफआईआर दर्ज कराई थी। फैसला सुनाए जाते समय कोर्ट में राज बब्बर भी मौजूद रहे। वहीं राजबब्‍बर ने कहा कि वह इसको चुनौती देंगे। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

साढे आठ हजार का सुनाया जुर्माना 
यूपी कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राजबब्‍बर को दो साल की सजा सुनाई है एमपीएमएलए कोर्ट ने साढे आठ हजार का जुर्माना भी सुनाया गया। उन पर 1996 में एक मतदानकर्मी की पिटाई का आरोप। सजा तीन साल से कम है इसलिए जेल नहीं भेजा जाएगा, उन्‍हें बेल मिल जाएगी। लेकिन राजबब्‍बर ने कहा कि वह इसको चुनौती देंगे। सरकारी कार्य बाधा और मारपीट के दोषी ठहराए गए राज बब्बर। फैसला सुनाए जाते समय कोर्ट में मौजूद रहे राज बब्बर। मतदान अधिकरी ने 2 मई 1996 को वजीरगंज में दर्ज कराई थी एफआईआर। सपा के प्रत्याशी थे राज बब्बर। मतदान अधिकारी से मारपीट का था मामला।

यह था पूरा मामला
2 मई 1996 में मतदान अधिकारी ने वजीरगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। इसी मामले को लेकर लखनऊ एमपी एमएलए कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया। हालांकि इकसे बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत भी दे दी है। अदालती पत्रावली के अनुसार इस मामले की रिपोर्ट 2 मई 1996 को मतदान अधिकारी श्रीकृष्ण सिंह राणा द्वारा थाना वजीरगंज में सपा प्रत्याशी राजबब्बर और अरविन्द यादव के अलावा अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। कहा गया है कि मतदान केंद्र संख्या 192/103 के बूथ संख्या 192 पर जब मतदाताओं का आना बंद हो गया. तब वादी मतदान केंद्र से बाहर निकलकर खाना खाने जा रहा था। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राजबब्बर अपने साथियों को लेकर मतदान केंद्र में आए और फर्जी मतदान का झूठा आरोप लगाने लगे। 

पीएम मोदी ने दिया 1774 करोड़ का तोहफा, कहा- काशी में एक प्रोजेक्ट खत्म होता है तो चार नए शुरू हो जाते हैं