सपा विधायकों के साथ रालोद के विधायक भी सपा कार्यालय पहुंच गए हैं। रालोद विधायकों को लेकर जयंत चौधरी भी सपा कार्यालय में पहुंचे हैं लेकिन सपा के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक इस बैठक में शामिल नहीं हुए हैं। 

लखनऊ: राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा गुरुवार को लखनऊ पहुंचे। वह सपा कार्यालय में विधायकों से मिले। सपा विधायकों के साथ रालोद के विधायक भी सपा कार्यालय पहुंच गए हैं। रालोद विधायकों को लेकर जयंत चौधरी भी सपा कार्यालय में पहुंचे हैं लेकिन सपा के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक इस बैठक में शामिल नहीं हुए हैं। यशवंत सिन्हा ने कहा कि पीएम मोदी से मेरा दो चीज़ों को लेकर विरोध है कार्य करने की शैली और उनकी नीतियां। नोट बंदी इस सदी का सबसे बड़ा घोटाला है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अखिलेश ने किया स्वागत
इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में एक साझा प्रेस कांफ्रेंस का अयोजन भी किया गया। जिसमें अखिलेश यादव ने कहा कि हम यशवंत सिन्हा का स्वागत करते हैं। हमारे देश को समय समय पर राष्ट्रपति मिले हैं। मौजूदा हालात में सीना से बेहतर कोई भी उम्मीदवार नहीं है। हम और हमारे सहयोगी दल आपके साथ हैं। इस लड़ाई के लिए हम आपको शुभकामनाएं देते हैं। 

'बड़ी घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप हो जाते हैं'
यशवंत सिन्हा ने कहा कि इस बार का राष्ट्रपति चुनाव असाधारण किस्म का है। वह इसलिए क्योंकि देश में जो हालात हैं उससे समाज कई हिस्सों में बंट गया है। बड़ी घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप हो जाते है। देश में अशांत और असाधारण स्थिति है। संविधान के मूल्य खत्म किए जा रहे हैं। अगर ऐसे ही चलता रहा तो एक दिन संविधान अर्थहीन हो जाएगा।

अटल बिहारी वाजपेई को किया याद
यशवंत सिन्हा ने कहा कि लखनऊ से मेरा गहरा नाता रहा है। मुलायम सिंह यादव के दीर्घायु होने की कामना करता हूं। चौधरी अजित सिंह से भी मेरे अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई ने लखनऊ को अपनी कर्मभूमि बनाया लेकिन अफसोस है कि आज उनकी पार्टी कहां से कहां पहुंच गई है।

राजबब्बर को एमपी एमएलए कोर्ट ने सुनाई दो साल की सजा, बब्बर बोले- इसको चुनौती देंगे