बंदी के भागने की खबर मिलते ही पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई। गिरफ्तारी के लिए एसओजी के साथ ही पुलिस की कई टीमों को लगाया गया है लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी। एसआरएन अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के तीसरे फ्लोर पर दीपक पाल भर्ती था।

प्रयागराज: एक बार फिर यूपी पुलिस की लापरवाही का मामला सामने आया है। पुलिस की नाक के नीचे से एक बंदी फरार हो गया। स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में भर्ती बंदी दीपक पाल रविवार को पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। 

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अस्पताल के तीसरे फ्लोर से भागा बंदी
बंदी के भागने की खबर मिलते ही पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई। गिरफ्तारी के लिए एसओजी के साथ ही पुलिस की कई टीमों को लगाया गया है लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी। एसआरएन अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के तीसरे फ्लोर पर दीपक पाल भर्ती था। रविवार की सुबह वह टहलने के लिए निकला था। वह बिल्डिंग में ही टहल रहा था। तभी अचानक तेजी से भागने लगा। उसकी अभिरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों ने दौड़ाया लेकिन पता नहीं किधर भाग निकला।

सामूहिक दुष्कर्म का आरोपी था बंदी
जानकारी के मुताबिक दीपक पाल मूलरूप से प्रतापगढ़ के उदयपुर मगैती गांव का रहने वाला है। वह नैनी में पदम इन्क्लेव में रहता था। सिविल लाइंस थाने में एक युवती ने बीते साल सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें दीपक पाल भी आरोपित है। पुलिस ने उसे मार्च 2022 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

वहीं नैनी सेंट्रल जेल के अधीक्षक का कहना है कि 18 मई को दीपक पाल को उल्टी सहित कई अन्य शिकायत हुई थी। जेल के चिकित्सकों की सलाह पर उसे शहर के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी अभिरक्षा में दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।

बंदी दीपक पाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमों के साथ एसओजी ने भी कमान संभाली है। फिलहाल उसका अब तक सुराग नहीं लग सका है। इस संबंध में सीओ प्रथम सत्येंद्र तिवारी का कहना है कि बंदी की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।

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