यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ के कैंट एरिया से आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर मोटी रकम हड़पने वाले पूर्व सैन्यकर्मी समेत 2 अन्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी सेना का पूर्व सैन्यकर्मी लोगों के अभिभावकों को विश्वास दिलाने के लिये अपना सेना से मिला पुराना परिचय पत्र का डुप्लीकेट दिखा देता था।

लखनऊ: यूपी एसटीएफ(UP STF) टीम ने आर्मी(Army) में भर्ती कराने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रुपये हड़पने वाले गिरोह में शामिल पूर्व सैन्यकर्मी (ex-servicemen) व उसके दो साथियों को राजधानी लखनऊ(Lucknow) के कैंट स्थित निलमथा से गिरफ्तार (STF) किया है। यूपी एसटीएफ के हत्थे चढ़े तीनों आरोपियों के खातों की जांच में आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर छह लोगों से मोटी रकम लेने की पुष्टि हुई है। यूपी एसटीएफ की टीम ने हत्थे चढ़े आरोपियों के पास से सेना का परिचय पत्र, चेक बुक व अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

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जोधपुर के पीड़ित ने मांगी थी एसटीएफ से शिकायत
जोधपुर के रहने वाले नारायण सिंह ने एसटीएफ से शिकायत की थी कि कुछ लोगों ने उनसे बेटे धर्मेन्द्र को सेना में भर्ती कराने के नाम पर एक लाख रुपए ले लिए और भर्ती न होने पर रुपए वापस नहीं कर रहे हैं। इस गिरोह ने इस तरह से कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। इस पर एसटीएफ के एएसपी सत्यसेन ने तीनों आरोपियों के बारे में पड़ताल शुरू की, जिसमें आरोपी सही पाए गए। इसके बाद यूपी एसटीएफ ने मुखबिर की सूचना पर गुरुवार को इन तीनों को लखनऊ के कैंट से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में फिरोजाबाद के नगरा निवासी सर्वेश कुमार, हरी और हरेन्द्र यादव हैं। इस गिरोह के लिए अपने खाते में रकम ट्रांसफर कराने वाले साइबर कैफे संचालक आरोपी की तलाश की जा रही है।


झांसे में लेने के लिए दिखाते थे पुराना परिचय पत्र
एएसपी सत्यसेन के मुताबिक सर्वेश कुमार और उसके साथी हरी उन अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाता था, जो सेना भर्ती की परीक्षा में फेल हो जाते थे। इन अभ्यर्थियों के अभिभावकों को विश्वास दिला दिया जाता था कि वह लोग नौकरी जरूर लगवा देंगे। विश्वास दिलाने के लिये वह अपना सेना से मिला पुराना परिचय पत्र का डुप्टलीकेट दिखा देता था। पड़ताल में सामने आया कि सर्वेश ने धर्मेन्द्र के अलावा स्वरूप कुमार सावंत और सरकार से 50 हजार रुपये व आनन्द से 60 हजार रुपये बतौर एडवांस ले लिए थे। आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद एसटीएफ टीम ने बताया कि आरोपी सैन्यकर्मी सर्वेश कुमार साल 2005 में एएमसी असम रायफल डोगरा रेजीमेंट अयोध्या में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। छह साल नौकरी करने के बाद वह अनुपस्थित हो गया, जिसके बाद उसके खिलाफ सेना ने कोर्ट में केस कर दिया।

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