अखिलेश ने ट्वीट करते हुए लिखा कि सबसे अधिक कुपोषण में उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर है तथा बाल व किशोर मृत्यु दर श्रेणी में पूरे देश में उत्तर प्रदेश सबसे खराब स्थिति में है। ये भाजपा सरकार की नाकामी के तमगे हैं। उन्होंने एक अखबार की क्लिपिंग भी पोस्ट की जिसमें दावा किया गया कि यूपी देश के सबसे गरीब राज्यों में से एक है।

लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के परिणाम में सपा को मिली हार के बाद से ही अखिलेश यादव लगातार सरकार पर हमलावर हैं। इस बार अखिलेश यादव ने नीति आयोग की रिपोर्ट के आधार पर बीजेपी को कटघरे में खड़ा किया है। अखिलेश ने सोमवार को अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि भाजपा के राज में नीति आयोग के प्रथम बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) में उत्तर प्रदेश देश के सबसे गरीब तीन राज्यों में शामिल है।

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अखिलेश यादव ने कही ये बात
अखिलेश ने ट्वीट करते हुए लिखा कि सबसे अधिक कुपोषण में उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर है तथा बाल व किशोर मृत्यु दर श्रेणी में पूरे देश में उत्तर प्रदेश सबसे खराब स्थिति में है। ये भाजपा सरकार की नाकामी के तमगे हैं। उन्होंने एक अखबार की क्लिपिंग भी पोस्ट की जिसमें दावा किया गया कि यूपी देश के सबसे गरीब राज्यों में से एक है।

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नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक
नीति आयोग ने अपनी पहली बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) रिपोर्ट में कहा है कि बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश देश के सबसे निर्धन राज्यों में शामिल हैं। सूचकांक के अनुसार, बिहार की 51.91 प्रतिशत आबादी गरीब है। इसके बाद झारखंड का नंबर है। वहां की 42.16 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन बसर करती है। उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर है, जहां के 37.79 प्रतिशत लोग निर्धन है। मध्य प्रदेश में 36.65 प्रतिशत और मेघालय में 32.67 प्रतिशत लोग गरीब है।

इसके अलावा देश के जिन राज्यों में सबसे कम गरीबी है, उनमें केरल (0.71 प्रतिशत) शीर्ष पर है। इसके बाद गोवा (3.76 प्रतिशत), सिक्किम (3.82 प्रतिशत), तमिलनाडु (4.89 प्रतिशत) और पंजाब (5.59) का स्थान है। नीति आयोग ने अपनी एमपीआई रिपोर्ट में भारत के गरीब राज्यों को रेखांकित किया है। केंद्र शासित प्रदेशों में दादरा और नगर हवेली में सबसे ज्यादा गरीबी है। वहां 27.36 प्रतिशत लोग गरीब हैं।